कालांवाली (सुरेश जोरासिया) दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा कालांवाली मंडी में एक भव्य कीर्तन का आयोजन किया गया। यह कीर्तन 1 फरवरी से 7 फरवरी तक महाजन धर्मशाला में प्रतिदिन सायं 7 बजे से रात्रि 10 बजे तक आयोजित होने वाली सात दिवसीय देवी भागवत कथा के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से किया गया। इस अवसर पर संस्थान की प्रवक्ता एवं परम पूजनीय श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी जसप्रीत भारती ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज मानव समाज का जीवन प्रभु-विहीन होकर एक ऐसे रेगिस्तान के समान बन गया है, जहाँ भावनाओं की सरिता का बहना दुर्लभ होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रभु से दूरी के कारण मनुष्य जीवत्व से शवत्व की ओर अग्रसर हो रहा है, जिससे उसके अंतःकरण में प्रभु के प्रति भावों का जागरण असंभव सा प्रतीत होने लगा है।साध्वी जी ने इस गंभीर समस्या का समाधान प्रस्तुत करते हुए कहा कि भावों एवं प्रेम के जागरण हेतु मानव का प्रभु-भक्ति से जुड़ना अनिवार्य है। प्रभु-भक्ति को हमारे भीतर प्रकट करने का सामर्थ्य केवल एक पूर्ण सद्गुरु में ही होता है, जो ब्रह्मज्ञान के माध्यम से आत्मिक चेतना का जागरण कर सकते हैं।
Discover more from समाज जागरण
Subscribe to get the latest posts sent to your email.



