सुनील बाजपेई
कानपुर। मौत किसी ना किसी बहाने से संबंधित व्यक्ति को अपने साथ ले ही जाती है। वह चाहे कोई बुजुर्ग हो ,जवान हो या फिर बच्चा। साथ मौत के रूप में किसी से भी बिछुड़ने का गम भी जीवन भर के लिए असह्य पीड़ा के साथ खून के आंसू रुलाने से नहीं चूकता। खास कर मां बेटे के संबंधों में बिछुड़ने की पीड़ा किसी मां के लिए और भी ज्यादा दुखदाई होती है।
कुछ इसी तरह की असह्य पीड़ा का शिकार गोविंद नगर थाना क्षेत्र में रहने वाली रेनू भी है ,जिसकी वजह है। उसके 2 साल के बेटे साहिल का नहर में डूब जाना, जिसकी लाश बहुत प्रयास के बाद अब तक बरामद नहीं की जा सकी है।
दादानगर फैक्टरी एरिया में रहने वाले पिता नीलकमल के मुताबिक उनका दो साल का मासूम साहिल बाबा सुरेश के पीछे-पीछे घर आ रहा था। मुरारी गैस प्लांट के पास खारजा नहर पार करने के दौरान साहिल तेज बहाव में बह गया।
सूचना देने पर मौके पर पुलिस और गोताखोर पहुंचे थे, लेकिन देर रात के चलते पानी में नहीं उतरे। सुबह गोताखोरों ने तलाशी अभियान शुरू किया है। पिता ने बताया कि पानी का भाव बहुत तेज था, जिसके कारण बच्चा डूब गया और अभी तक नहीं मिला है।
बच्चे को बचाने के लिए पत्नी भी नहर में उतर गई थी। लोगों ने कूदकर बचा लिया था, वरना वह भी डूब जाती। आज पानी ढाई फीट कम कर दिया गया है। सुबह देर से पहुंचे गोताखोरों ने तलाश शुरू की है। लेकिन समाचार लिखे जाने तक उसका शव बराबर नहीं किया जा सका। इस घटना से मां और अन्य परिजनों का रो रो कर बहुत बुरा हाल है। पुलिस ने बताया कि बच्चों की तलाश लगातार की जा रही है।
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