पटना के बाढ़ में उमानाथ गंगा घाट पर हादसों का सिलसिला जारी

एक और किशोरी डूबी, 13 साल के किशोर ने बचाई दो की जान

समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश

पटना/ जिले के बाद में उत्तरवाहिनी उमानाथ गंगा घाट इन दिनों हादसों का केंद्र बना हुआ है। गुरुवार को हुई नाव दुर्घटना के जख्म अभी भरे भी नहीं थे कि शुक्रवार सुबह एक और दर्दनाक हादसा हो गया। शुद्धि स्नान करने आए परिवार की तीन महिलाएं गहरे पानी में समा गईं।

स्थानीय किशोर की तत्परता से दो महिलाओं को तो बचा लिया गया, लेकिन एक 13 वर्षीय किशोरी काजल कुमारी की तलाश जारी है। नालंदा जिले के रहुई थाना क्षेत्र अंतर्गत ब्रांडी पंचायत स्थित कुन्हा गांव से सीताराम चौधरी का परिवार अंतिम संस्कार के बाद शुद्धि स्नान के लिए उमानाथ आया था। करीब 15 लोगों का यह समूह जैसे ही गंगा में उतरा, अचानक पैर फिसलने से तीन महिलाएं गहरे पानी में चली गईं।मौके पर मौजूद फूल-माला बेचने वाले 13 साल के स्थानीय किशोर सनी कुमार ने अपनी जान जोखिम में डालकर गंगा में छलांग लगा दी। सनी ने साहस दिखाते हुए दो महिलाओं को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन काजल कुमारी को बचाने के प्रयास में वह सफल नहीं हो सका और वह गहरे पानी में ओझल हो गई।

गौरतलब है कि सनी कुमार अब तक गंगा में डूब रहे करीब 10 लोगों की जान बचा चुका है। घटना के बाद आक्रोशित स्थानीय लोगों ने करीब 50 लाख की लागत से बने गंगा घाट के निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि महज एक-दो साल के भीतर ही नई सीढ़ियां धराशाई हो गई हैं, जिसके कारण यह इलाका खतरनाक हो गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जर्जर घाट की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने की मांग की है। सूचना मिलते ही बाढ़ थाना अध्यक्ष ब्रजकिशोर सिंह, सीडीपीओ रामकृष्ण, अंचल अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार सिंह और अनुमंडल पदाधिकारी गरिमा लोहिया मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने तत्काल बांस-बल्ली लगाकर बैरिकेडिंग करवाई और स्थानीय गोताखोरों की मदद से काजल कुमारी की तलाश शुरू की गई है।

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