तेलगुड़वा–कोन मार्ग बना हादसों का अड्डा, लोक निर्माण विभाग की लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल
अनिल कुमार अग्रहरि/ समाज जागरण
डाला/ सोनभद्र। तेलगुड़वा से कोन को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग इन दिनों लोक निर्माण विभाग की घोर लापरवाही के चलते यात्रियों और वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। अधूरे और अव्यवस्थित तरीके से किए जा रहे सड़क निर्माण ने इस मार्ग को मौत का रास्ता बना दिया है। सड़क निर्माण के नाम पर कहीं साइड किनारे नई मिट्टी भर दी गई है तो कहीं आधी सड़क पर गिट्टी का सोलिंग गिराकर छोड़ दिया गया है। न तो सुरक्षा संकेतक लगाए गए हैं और न ही डायवर्जन या बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है। इससे राहगीरों और भारी वाहनों को आए दिन गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आज कोटा गांव के पास सड़क की बदहाली के कारण बालू लदी एक ट्रक अनियंत्रित होकर खाई में पलट गई। गनीमत यह रही कि ट्रक में खलासी मौजूद नहीं था और चालक बाल-बाल बच गया। लेकिन यह हादसा प्रशासन और विभाग की नींद खोलने के लिए काफी नहीं दिख रहा।कोटा निवासी दीपू शर्मा ने बताया कि पिछले मात्र 15 दिनों के भीतर इसी मार्ग पर दो बसें और एक ट्रक पलट चुके हैं, इसके बावजूद किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने न तो घटनास्थल का निरीक्षण किया और न ही सड़क की स्थिति सुधारने की पहल की।
स्थानीय लोगों का साफ आरोप है कि यह सभी हादसे सड़क निर्माण एजेंसी और लोक निर्माण विभाग की लापरवाही का नतीजा हैं। बिना मानक और सुरक्षा के सड़क निर्माण कर जनता की जान को जोखिम में डाला जा रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि
क्या लोक निर्माण विभाग किसी बड़ी जनहानि का इंतजार कर रहा है?
दोषी ठेकेदार और अधिकारियों पर कब होगी कार्रवाई?
यदि शीघ्र ही सड़क निर्माण कार्य को मानक अनुसार पूर्ण कर सुरक्षा इंतज़ाम नहीं किए गए, तो आने वाले दिनों में और भी गंभीर हादसे हो सकते हैं, जिसकी पूरी जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग और संबंधित अधिकारियों की होगी।



