google-site-verification: google2b21991adbe5cec3.html

79 साल से अधूरी उम्मीद, चचरी और नाव से गुजर रहे ग्रामीण

वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
किशनगंज विधानसभा क्षेत्र के टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत चिल्हनियां पंचायत स्थित सुहिया रेतुआ नदी पर आरसीसी पुल निर्माण की मांग पिछले 79 वर्षों से अधूरी है। आज भी हजारों की आबादी नाव और बांस-बल्ली से बने चचरी पुल के सहारे जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर है। बरसात और उखाड़ (कटाव) के दिनों में स्थिति और भयावह हो जाती है।

तब नदी उफान पर होती है, चचरी पुल बह जाता है और ग्रामीणों का संपर्क प्रखंड मुख्यालय व अन्य इलाकों से पूरी तरह कट जाता है। स्कूली बच्चे, मरीज, किसान — सभी को जान हथेली पर रखकर सफर करना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि आज़ादी के बाद से अब तक कई जनप्रतिनिधि आए और गए, लेकिन किसी ने भी इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर ठोस पहल नहीं की। प्रशासन की शिथिलता और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा के कारण यहां के लोग आज भी मानो ब्रिटिश युग में जीने को मजबूर हैं।

ग्रामीणों ने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन से जल्द से जल्द स्थायी आरसीसी पुल का निर्माण कराने की मांग की है ताकि दशकों से चली आ रही इस परेशानी का अंत हो सके। जबकि आवेदन दे देकर शासन एवं प्रशासन को थक चुके है।


Discover more from समाज जागरण

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

🛍️ Today’s Best Deals

(Advertisement)