दैनिक समाज जागरण 25.05.2026 चांद कुमार लायेक (ब्यूरो चीफ) पूर्वी सिंहभूम जमशेदपुर
जमशेदपुर के पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका अंचल अंतर्गत रोहिणीबेड़ा मौजा के ग्रामीणों ने गांव में बाहरी व्यक्तियों द्वारा जातीय विवाद फैलाने और अशांति उत्पन्न करने का आरोप लगाते हुए उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया गया है।
ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए आवेदन में कहा गया है कि रोहिणीबेड़ा मौजा प्राचीन काल से सोहदा गाड़ी क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जिसे कपाड़ा गाड़ी घाट के नाम से भी जाना जाता है। गांव में स्थित मां रंकिनी धान स्थानीय लोगों की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक पहचान का केंद्र है। ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थल वर्षों से धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है, लेकिन हाल के दिनों में कुछ बाहरी लोग यहां माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि कुछ लोग जातिवाद का सहारा लेकर गांव में विवाद की स्थिति उत्पन्न कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, मां रंकिनी धान एवं आसपास की वन भूमि पर अवैध कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि कई ऐसे लोग, जो मूल रूप से रोहिणीबेड़ा मौजा के निवासी नहीं हैं, गलत तरीके से वन पट्टा प्राप्त कर यहां रह रहे हैं और गांव की सामाजिक एकता को प्रभावित कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनके पैतृक गांवों में पर्याप्त जमीन-जायदाद मौजूद है, इसके बावजूद वे रोहिणीबेड़ा की वन भूमि पर कब्जा जमाए हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थिति न केवल सरकारी भूमि पर अतिक्रमण का मामला है, बल्कि इससे गांव की सामाजिक और सांस्कृतिक संरचना भी प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एक विशेष समूह के लोग मां रंकिनी धान के नाम पर जातीय भावनाओं को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं। इससे गांव में भय, तनाव और असुरक्षा का माहौल बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
ज्ञापन में प्रशासन से मांग की गई है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और अवैध कब्जा करने वाले तथा जातीय तनाव फैलाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने यह भी आग्रह किया कि गांव की शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन नियमित निगरानी रखे।
ग्रामीणों ने ज्ञापन की प्रतिलिपि पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक को भी सौंपी है। आवेदन पर गांव के कई ग्रामीणों के हस्ताक्षर मौजूद हैं। ग्रामीणों ने कहा कि वे गांव में शांति, सामाजिक सौहार्द और पारंपरिक संस्कृति को बनाए रखना चाहते हैं तथा प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।



