नागरिक उड्डयन महानिदेशालय यानी डीजीसीए (DGCA Fine Air Vistara) इन दिनों विमान कंपनियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है. इसी कड़ी में डीजीसीए ने एयरलाइन कंपनी एयर विस्तारा पर 70 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. यह जुर्माना एयर विस्तारा की तरफ से पूर्वोत्तर क्षेत्र में कम उड़ानों की संख्या होने पर जुर्माना लगाया है. डीजीसीए के मुताबिक एयरलाइन ने जुर्माने का भुगतान भी कर दिया है. ये जुर्माना अक्टूबर 2022 में एयरलाइन की तरफ से नियमों में अनदेखी करने के लिए लगाया गया है.
अप्रैल 2022 के लिए विस्तारा की उपलब्ध सीट किलोमीटर 0.99 प्रतिशत पाई गई, जो पूर्वोत्तर मार्गों पर अनिवार्य 1 प्रतिशत से कम थी, जिसके चलते जुर्माना लगाया गया था. इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए, विस्तारा के एक प्रवक्ता ने कहा, “विस्तारा पिछले कई वर्षों से आरडीजी (रूट डिस्पर्सल गाइडलाइंस) का पूरी तरह से पालन कर रही है. हम लगातार अलग-अलग कैटेगरी में अपेक्षित एएसकेएम (ASKM) से अधिक उड़ानें तैनात कर रहे हैं, जैसा कि आरडीजी नियम में निर्धारित किया गया है.”
हालांकि, प्रवक्ता ने स्वीकार किया कि बागडोगरा हवाई अड्डे के बंद होने के कारण कुछ उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जिससे अप्रैल 2022 में आवश्यक उड़ानों की संख्या में केवल 0.01 प्रतिशत की कमी आई थी. नागरिक उड्डयन मंत्रालय के प्रमुख कार्यक्रम क्षेत्रीय संपर्क योजना उड़ान के पांच साल पहले ही पूरे हो चुके हैं. इस योजना के तहत पहली उड़ान अप्रैल 2017 में शुरू की गई थी. यह योजना अक्टूबर 2016 में आम नागरिक की आकांक्षाओं को पूरा करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी.
बता दें कि एयरलाइन कंपनियों को हर क्षेत्र में न्यूनतम उड़ानों के बारे में जानकारी दी जाती है. एयर विस्तारा ने डीजीसीए के इसी नियम की अनदेखी की है. एयर विस्तारा ने पूर्वोत्तर क्षेत्र में जितनी न्यूनतम उड़ाने की जानी चाहिए थी, उससे कम की है. बता दें कि इसे पहले डीजीसीए ने एयर इंडिया पर भी 30 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था. हालांकि यह जुर्माना एयर इंडिया के यात्री द्वारा महिला से बदसलूकी मामले में लगाया गया था.
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