google-site-verification: google2b21991adbe5cec3.html

ब्राह्मण समाज के प्रदेश के सभी साथियों 13 जनवरी को चतरा पहुंचे: प्रदेश सचिव बटेश्वर कुमार मिश्र

राहुल कुमार गुप्ता, संवाददाता विष्णुगढ़, दैनिक समाज जागरण।
विष्णुगढ़:झांरखण्ड कान्यकुब्ज ज्योतिषी ब्राह्मण महासभा के प्रदेश सचिव बटेश्वर कुमार मिश्र उर्फ बंटी मिश्र ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर प्रदेश के कोने कोने में रह रहे ब्राह्मण समाज के साथियों से अपील करते हुए कहा है कि 13 जनवरी को चतरा पहुंचे। उन्होंने इस सम्बंध में जानकारी देते हुए कहा है कि आगामी 13 जनवरी 2025 दिन सोमवार को कान्यकुब्ज ज्योतिषी ब्राह्मण समाज चतरा के द्वारा सात सूत्री माँगो को लेकर चतरा नगर का भ्रमण करते हुए उपायुक्त महोदय को एक ज्ञापन सौपेंगे। पूर्व में इन्हीं माँगो को लेकर बिगत 7 जनवरी 2025 को प्रखंड मुख्यालय में धरणा दिया गया था जो अत्यंत सफल रहा था। मुख्य माँगें – 1. झारखंड प्रदेश अंतर्गत सभी विद्यालय एवं महाविद्यालयों में संस्कृत विषय की समुचित पठन पाठन शुरू किया जाए। 2.भगवान् परशुराम जयंती के दिन सरकारी अवकाश घोषित किया जाए। 3. संस्कृत शिक्षकों एवं व्याख्याताओं की प्रत्येक स्कूल कॉलेजो. विद्यालयीन में बहाली की जाए। 4.सनातन धर्म की रक्षा हेतु सभी विद्यालयों में गीता पाठ/रामायण एवं भारतीय संस्कृति शुरू कराया जाए। 4. झारखंड समेत पूरे राष्ट्र में संस्कृत शिक्षा को अनिवार्य विषय बनाया जाए। 5.चतरा ज़िले में कर्मकांड प्रशिक्षण हेतु विप्र भवन के लिए सरकारी ज़मीन एवं भवन मुहैया कराया जाए। 6.झारखंड प्रदेश में संस्कृत यूनिवर्सिटी या स्थापना किया जाए। कान्यकुब्ज ब्राह्मण महासमिति झारखंड प्रदेश के संरक्षक,महामंत्री,उपाध्यक्ष,सचिव,कोषाध्यक्ष,प्रदेश प्रवक्ता,परामर्शदात्री सलाहकार समिति,उप सचिव,संगठन मंत्री,प्रदेश मीडिया प्रभारी,प्रदेश कार्यकारिणी सदस्यगण महोदय समेत सभी विप्र बंधुओं से अनुरोध है कि उपरोक्त कार्यक्रम में अपनी चट्टानी एकता दिखाते हुए शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनावे जिस किसी भी विप्र बंधुओं को आवश्यक कार्य हो तो उसकी समुचित व्यवस्था कर उस कार्य में दूसरे को लगाकर इस एक दिवसीय नगर भ्रमण महाकुंभ में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें. जिन बंधु के पास बड़ी गाड़ी(चार पहिया )छोटी गाड़ी(दो पहिया )हो या बस पर भी सवार होकर कार्यक्रम स्थल चतरा पत्थल दास मंदिर पहुँचने का कष्ट करेंगें । साथ ही बिनती कर
सभी से अपने साथ एक शंख भी अवश्य लाए जाने को कहे है जिससे हम अपनी संस्कृति की पहचान शंखनाद के द्वारा कर सकेंगे।


Discover more from समाज जागरण

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

🛍️ Today’s Best Deals

(Advertisement)