वीरेंद्र चौहान समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
किशनगंज। भवन निर्माण विभाग, भवन प्रमंडल किशनगंज द्वारा जारी अल्पकालीन निविदा आमंत्रण सूचना संख्या 37/2025-26 को लेकर संवेदकों ने अनियमितता का आरोप लगाया है। इस संबंध में पंजीकृत संवेदक ओसामा रेजा, मकतूब सहित अन्य संवेदकों ने जिलाधिकारी विशाल राज को आवेदन देकर मामले की जांच कराने की मांग की है।
संवेदकों का कहना है कि निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 6 मार्च 2026 को अपराह्न 3 बजे निर्धारित थी, लेकिन विभाग की ओर से आवेदन स्वीकार करने में टालमटोल किया गया, जो निविदा नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने आरोप लगाया कि समय-सीमा के भीतर भी आवेदन लेने में विभाग द्वारा अनावश्यक देरी की गई, जिससे निविदा प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
विभाग द्वारा जारी निविदा के अनुसार परिमाण विपत्र (बीओक्यू) की बिक्री की अंतिम तिथि 5 मार्च 2026 को अपराह्न 3 बजे तक तय की गई थी, जबकि निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 6 मार्च 2026 को अपराह्न 3 बजे निर्धारित की गई थी। निविदा खोलने का समय उसी दिन अपराह्न 3:30 बजे तय किया गया था।
निविदा के तहत न्यायिक पदाधिकारी कॉलोनी, डुमरिया में एडीजे-1 एवं एडीजे-2 तथा पीओ क्वार्टर के पेंटिंग कार्य और किचेन-बाथरूम के जीर्णोद्धार, व्यवहार न्यायालय किशनगंज में सीजेएम कोर्ट के जीर्णोद्धार व रूफ ट्रीटमेंट, रिकॉर्ड रूम में स्टील रैक लगाने सहित कई कार्यों के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। इसके अलावा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के आवास और परिसर के जीर्णोद्धार तथा चहारदीवारी निर्माण से संबंधित कार्य भी इसमें शामिल हैं।
संवेदकों का आरोप है कि निविदा प्रक्रिया के दौरान अब तक विभाग की ओर से बीओक्यू उपलब्ध नहीं कराया गया है और न ही निविदा रद्द किए जाने से संबंधित कोई आधिकारिक सूचना जारी की गई है। जबकि विभागीय स्तर पर टेंडर रद्द होने की केवल मौखिक जानकारी दी जा रही है।
संवेदकों ने यह भी आरोप लगाया कि आवेदन जमा करने के दौरान विभाग द्वारा टालमटोल किया गया, जिससे निविदा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर संदेह उत्पन्न हो गया है। उनका कहना है कि पूरी प्रक्रिया को किसी खास पक्ष को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से प्रभावित किए जाने की आशंका है।
संवेदकों ने जिलाधिकारी से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर पारदर्शी तरीके से निविदा प्रक्रिया पूरी कराने की मांग की है।



