प्राकृतिक संसाधनों को बचाने के साथ ऑर्गेनिक उर्वरक पर दिया जोर
रैली में पहुंची सभी कारें बायोगैस से थी संचालित
समाज जागरण आशीष कुमार गुप्ता
बाबतपुर,वाराणसी । करखियाव स्थित बनास डेयरी पहुची अमूल फ्यूल क्लीन कार रैली का बैंड बाजे के साथ भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान बायो गैस से संचालित कार से पहुचे दो दर्जन लोगों का काशी के संस्कृति के अनुरूप स्वागत किया गया।
श्वेत क्रांति के जनक डॉ वर्गीज कुरियन की उपलब्धियों और सपनों को जन जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से चली बायो गैस से संचालित कारों की अमूल क्लीन फ्यूल रैली शुक्रवार को बनास डेयरी अमूल परिसर में पहुचने पर कार रैली में शामिल लोगो को अमूल प्लांट की उपलब्धता और क्षमता के बाबत यूनिट हेड अलोकमणि मिश्र ने बताया कि बनास डेयरी की पहल में 5 मेगावाट में अधिक सौर ऊर्जा की स्थापना, जल पुनर्भरण, तालाबों की स्थापना व वार्षिक रूप से एक करोड़ से अधिक पेड़ के लक्ष्य है। जिससे सामाजिक सरोकारों के प्रश्रय मिल सके। इसके पश्चात बीएचयू के प्रोफेसर डॉ अखिलेश सिंह रघुवंशी ने कहाकि प्राकृतिक संसाधनों का सही दिशा और सीमित मात्रा में प्रयोग करने की जरूरत है। अन्यथा आने वाली पीढ़ी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
लखनऊ प्लांट के हेड नरेंद्र सिन्हा ने बताया कि रैली का मकसद दुग्ध समितियों की विरासत का सम्मान करना, सर्क्युलर इकॉनमी के सिद्धांतों के प्रति सहयोग बढ़ाना और सतत विकास के महत्व को उजागर करना था। इन संयंत्रों का उद्देश्य स्वच्छ ईंधन प्रदान करना, गोबर की बिक्री के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाना और ऑर्गेनिक उर्वरक का उत्पादन करना है, जो मिट्टी की सेहत को बेहतर बनाने में मददगार हैं। यह रैली कोलकाता से साढ़े सात सौ से अधिक किमी का सफर तय कर अमूल प्लान्ट पहुंची। रैली में 12 मारुति सीएनजी कारों में 24 अमूल के कर्मचारी शामिल थे। पराग डेरी परिसर में इनका स्वागत ढोल नगाड़े के साथ, फूल माला पहना कर हुआ।
इसके पूर्व श्वेत क्रांति के जनक डॉ वर्गीज कुरियन के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस दौरान गणेश व सरस्वती वंदना से कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
Discover more from समाज जागरण
Subscribe to get the latest posts sent to your email.



