कटनी। जिले के ढीमरखेड़ा शासकीय महाविद्यालय के सामने सड़क सुरक्षा की मांग को लेकर राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के कार्यकर्ताओं और छात्रों ने सोमवार की दोपहर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कॉलेज परिसर के सामने धरने पर बैठे और जिला प्रशासन, तहसील प्रशासन, एवं मध्य प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लगभग तीन घंटे तक चले इस प्रदर्शन ने उमरिया पान मार्ग पर लोगों का ध्यान खींचा, जिसके बाद दो दिन के भीतर स्पीड ब्रेकर बनाने के आश्वासन पर धरना समाप्त किया गया।
आए दिन हो रहीं दुर्घटनाएं, मंडरा रहा खतरा
प्रदर्शन में शामिल छात्र नेताओं अवध यादव और ताहिर अंसारी सौरभ शुक्ला ने बताया कि शासकीय महाविद्यालय ढीमरखेड़ा के सामने से गुजरने वाले उमरिया पान मार्ग पर आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। महाविद्यालय के ठीक सामने गतिरोधक (स्पीड ब्रेकर) का निर्माण न होने से विद्यार्थी कभी भी बड़ी सड़क दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं।
छात्र नेताओं ने याद दिलाया कि पूर्व में इसी स्थान पर एक बड़ा हादसा हो चुका है, जब एक ट्रक अनियंत्रित होकर प्रतीक्षालय में जा घुसा था, जिसमें छह लोग घायल हो गए थे। यह घटना इस मार्ग की खतरनाक स्थिति का स्पष्ट प्रमाण है। उनका कहना है कि छात्रों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन की यह उदासीनता बेहद चिंताजनक है।
NSUI लगातार तहसील और जिला प्रशासन से सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग कर रहा है। छात्र नेताओं ने बताया कि लगभग 15 दिवस पूर्व भी छात्र संगठन ने इसी मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया था। उस समय प्रशासन की ओर से एक सप्ताह के भीतर ब्रेकर निर्माण का आश्वासन दिया गया था।
लेकिन, आज तक किसी भी प्रकार के सुरक्षा के इंतेजामत नहीं किए गए हैं। प्रशासन द्वारा अपने ही आश्वासन को हवा में उड़ा देने से छात्रों में भारी रोष है। छात्र नेता सौरभ शुक्ला ने कहा कि जब तक ब्रेकर नहीं बनता, छात्रों की जान को खतरा बना रहेगा, और प्रशासन इस खतरे को गंभीरता से नहीं ले रहा है।
तीन घंटे तक चला प्रदर्शन, मिला नया आश्वासन
प्रशासन की वादाखिलाफी से आहत होकर, छात्र हित और समाज हित में छात्र संगठन ने सोमवार को फिर से महाविद्यालय परिसर के सामने धरना शुरू किया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने मांग की कि प्रशासन तत्काल प्रभाव से स्पीड ब्रेकर का निर्माण करे।
करीब तीन घंटे तक चले इस दबाव भरे प्रदर्शन के बाद, आखिरकार प्रशासन की ओर से छात्र संगठन को दो दिवस के भीतर ब्रेकर बनाए जाने का आश्वासन दिया गया। प्रशासन के इस नए आश्वासन के बाद, छात्रों ने अपने धरने को समाप्त कर दिया। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि इस बार भी प्रशासन अपने वादे पर खरा नहीं उतरा, तो अगला आंदोलन और भी उग्र होगा।
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