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खनौरी बॉर्डर पर एक और किसान की मौत, NH-44 को आंशिक तौर पर खोला

किसान आंदोलन (Kisan Andolan) का सोमवार को 15वां दिन है. किसान जहां हरियाणा के बॉर्डरों पर डटे हुए हैं. वहीं, आम लोगों के लिए भी राहत की खबर है. दिल्ली-चंडीगढ़ हाईवे (Delhi Chandigarh NH) को हरियाणा के दो जिलों में आंशिक तौर पर खोला गया है. वहीं, पंजाब (Punjab) के संगरूर में इंटरनेट बहाल हुआ है.

जानकारी के अनुसार, कुंडली-सिंधु बॉर्डर पर नेशनल हाईवे-44 की सर्विस लाइन को दिल्ली पुलिस ने वाहनों के लिए खोला है.  नेशनल हाईवे 40 पर कुंडली-सिंधु बॉर्डर पर भारी बैरिकेडिंग की गई थी. अब दिल्ली पुलिस ने नेशनल हाईवे-44 पर सर्विस लैन को खोला है. सर्विस लाइन खुलने पर स्थानीय लोगो ने खुशी जाहिर की और स्थानीय युवक ने कहा कि पहले दिल्ली जाने के लिए कई घंटे लग जाते थे, लेकिन राहत पूरी खबर है.

उधर, पटियाला जिले के अरनव गांव के रहने वाले किसान करनैल सिंह की मंगलवार सुबह 3  बजे के करीब मौत हो गई. किसान आंदोलन में शामिल करनैल सिंह को सांस लेने में परेशानी थी और उन्हें पटियाला के राजेंद्र हॉस्पिटल में दाखिल करवाया गया था, जहां उनकी मौत हो गई. किसान करनैल सिंह पुत्र निहाल सिंह गांव अरनो निवासी जिला पटियाला खनौरी बॉर्डर पर धरने पर बैठे थे.

इसी तरह कुरुक्षेत्र जिले में नेशनल हाईवे-44 पर दिल्ली से अंबाला जाने वाले यात्रियों के लिए राहत की खबर है. जीटी रोड पर एक तरफ का ट्रैफिक यात्रियों के लिए खोला गया. शाहाबाद-मारकंडा में प्रशासन ने बैरिकेड्स लगाए थे, जिन्हें हटाया गया है. यह रास्ता दिल्ली से अंबाला जाने वाले यात्रियों के लिए उपलब्ध होगा. हालांकि अंबाला से दिल्ली जाने वाले मार्ग पर लगे अवरोध अभी जस के तस  है. अभी रास्ता आधा खोला ही खोला गया है. छोटा मारकंडा पुल से बैरिकेडिंग और पत्थर हटाए गए हैं. जलेबी पुल से होते हुए अब वाहन निकल रहे हैं.


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