एमजीएम कॉलेज से निकली बाल विवाह विरोधी जागरूकता रैली, मंत्री ने दिखाई हरी झंडी

वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ जनजागरण को लेकर “सावधान, बाल विवाह कानून अपराध है” विषय पर एक जागरूकता रैली एमजीएम कॉलेज परिसर से निकाली गई। रैली को उद्योग सह पथ निर्माण मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।


इस अवसर पर राहत संस्था की सचिव डॉ. फरजाना बेगम, कॉलेज प्रशासन, छात्र-छात्राएं तथा सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह निषेध अधिनियम की जानकारी देते हुए बताया गया कि 21 वर्ष से कम आयु के लड़के और 18 वर्ष से कम आयु की लड़की का विवाह कराना कानूनन अपराध है।


वक्ताओं ने कहा कि बाल विवाह कराने वाले माता-पिता, अभिभावक या अन्य रिश्तेदारों को दो वर्ष तक की सजा और एक लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों दंड हो सकते हैं। विवाह संपन्न कराने वाले पंडित, मौलवी या पादरी पर भी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त आयोजन में सहयोग करने वाले नाई, हलवाई, बैंड-बाजा, टेंट संचालक या अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भी समान दंड का प्रावधान लागू होता है।


मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बाल विवाह समाज के विकास में बाधा है और यह बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा तथा भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे इस कुप्रथा के खिलाफ जागरूकता फैलाएं और बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
रैली शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों और कानून की जानकारी देती रही।

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