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अनूपपुर: चेक बाउंस मामले में कमलेश द्विवेदी को 1 साल की सजा, 12 लाख रुपये जुर्माना

अनूपपुर/मनेद्रगढ़। चेक बाउंस मामले में मनेद्रगढ़ के प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए अनूपपुर-अमरकंटक रोड निवासी कमलेश द्विवेदी को दोषी करार देते हुए एक वर्ष की कारावास तथा 12 लाख रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में पीड़ित को भुगतान करने का आदेश दिया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि क्षतिपूर्ति राशि निर्धारित समय पर अदा नहीं की जाती है, तो आरोपी को अतिरिक्त तीन माह की सजा भुगतनी होगी। यह फैसला 28 मार्च 2026 को सुनाया गया।

क्या है पूरा मामला?


पीड़ित राजेश अग्रवाल (निवासी मनेद्रगढ़) ने बताया कि उसकी आरोपी कमलेश द्विवेदी के साथ पूर्व से पहचान थी। वर्ष 2018 में कमलेश द्विवेदी ने ट्रांसपोर्ट व्यवसाय शुरू करने के नाम पर उससे 30 लाख रुपये की आर्थिक मदद की मांग की थी। इस पर अग्रवाल ने अपनी पत्नी के नाम की एफडी तुड़वाकर 10 लाख रुपये तथा 2 लाख रुपये नगद, इस प्रकार कुल 12 लाख रुपये कमलेश को उधार दिए।

राजेश अग्रवाल के अनुसार, रकम लेने के बाद कमलेश द्विवेदी लगातार बचने और बहाने बनाने लगा तथा पैसे वापस नहीं किए। उन्होंने बताया कि आरोपी कई बार अपना पता बदलकर, अनूपपुर, कोतमा और मनेद्रगढ़ सहित विभिन्न स्थानों पर रहकर लोगों से पैसा लेकर ठगी की गतिविधियाँ करता रहा है।

काफी समय तक रकम वापस न मिलने पर राजेश अग्रवाल ने आरोपी द्वारा दिया गया चेक बाउंस होने के बाद चेक अनादरण अधिनियम—धारा 138 के तहत मनेद्रगढ़ न्यायालय में मामला दायर किया था।

6 साल की सुनवाई के बाद मिला न्याय
लगभग 6 वर्षों तक चली लंबी सुनवाई, गवाहों के बयान और दस्तावेजों की गहन जांच के बाद अदालत ने राजेश अग्रवाल के पक्ष में फैसला सुनाया। न्यायालय ने माना कि कमलेश द्विवेदी ने उधार ली गई राशि लौटाने में जानबूझकर चूक की और उसके खिलाफ चेक बाउंस का अपराध सिद्ध हुआ।

अदालत ने आरोपी को एक साल की सश्रम कारावास और 12 लाख रुपये पीड़ित को अदा करने के आदेश के साथ फैसला सुनाया।


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