औरंगाबाद (बिहार)। जिले के सरकारी विद्यालयों में कायाकल्प अभियान सहित शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति असंतोषजनक पाए जाने पर जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। समीक्षा बैठक में कार्यों की धीमी रफ्तार और कई खामियां सामने आने के बाद डीएम अभिलाषा शर्मा के निर्देश पर नबीनगर समेत जिले के सात प्रखंडों के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (बीईओ) को बदल दिया गया है। वहीं, शिक्षा विभाग के कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए अलग-अलग विभागों के अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
नबीनगर बीईओ का अतिरिक्त प्रभार मुकेश कुमार को
प्रशासनिक फेरबदल के तहत नबीनगर प्रखंड में पंचायती राज पदाधिकारी मुकेश कुमार को प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। इस निर्णय के बाद अब उनसे शिक्षा विभाग की लंबित योजनाओं और विद्यालयों से जुड़े कार्यों में तेजी लाने की अपेक्षा की जा रही है।
लंबित योजनाओं को समय पर पूरा करने का निर्देश
जिला प्रशासन की ओर से यह कार्रवाई विद्यालयों में कायाकल्प अभियान सहित अन्य शैक्षणिक योजनाओं की प्रगति में तेजी लाने के उद्देश्य से की गई है। समीक्षा के दौरान सामने आई कमियों को दूर करने और विभागीय कार्यों को व्यवस्थित करने पर जोर दिया गया है।
सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन समयबद्ध तरीके से और निर्धारित नियमों के अनुसार सुनिश्चित करें। प्रशासन की इस कार्रवाई को शिक्षा विभाग के कामकाज में जवाबदेही बढ़ाने और विद्यालयों की व्यवस्था सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
दैनिक समाज जागरण | अनिल कुमार, संवाददाता नबीनगर (औरंगाबाद)
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