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आयुष्मान कार्ड: बुजुर्गों के स्वास्थ्य सुरक्षा का आधार

आयुष्मान कार्ड निर्माण के लिए नगर परिषद में डेडिकेटेड स्टॉल स्थापित

कार्यक्रम की शतप्रतिशत सफलता के लिए जिला पदाधिकारी ने नगर परिषद् में वार्ड सदश्यो से किया संवाद

20 नवंबर से 10 दिसंबर तक चल रहा विशेष महाभियान, शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने
पर जोर

सालाना ₹5 लाख तक का नि:शुल्क स्वास्थ्य बीमा, हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास

वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
26 नवंबर।स्वास्थ्य जीवन का सबसे बड़ा उपहार है। वृद्धावस्था में जब शरीर कमजोर होता है और बीमारियां बढ़ने लगती हैं, तब समय पर सही इलाज हर व्यक्ति का अधिकार बन जाता है। लेकिन कई बार आर्थिक समस्याओं के कारण यह संभव नहीं हो पाता। ऐसे में आयुष्मान भारत योजना के तहत मिलने वाला आयुष्मान कार्ड बुजुर्गों और गरीब परिवारों के लिए एक वरदान के समान है। इसी क्रम में जिले में 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के वृद्धजनों को आयुष्मान कार्ड योजना का लाभ पहुंचाने के लिए 20 नवंबर से 10 दिसंबर तक विशेष महाभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत जनवितरण प्रणाली केंद्रों, पंचायत भवनों और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों के ओपीडी काउंटर पर आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं। कार्यक्रम की शतप्रतिशत सफलता को लेकर जिला पदाधिकारी विशाल राज के द्वारा नगर परिषद् किशनगंज के अध्यक्ष , उपाध्यक्ष एवं वार्ड सदश्यो के साथ बैठक की है और साथ ही, नगर परिषद किशनगंज में एक डेडिकेटेड स्टॉल स्थापित किया गया है, जिसका निरीक्षण स्वयं जिलाधिकारी विशाल राज ने किया।
समीक्षात्मक बैठक में रणनीति तय
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में नगर परिषद सभागार में एक समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में आयुष्मान कार्ड निर्माण की प्रगति और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने कहा कि वृद्धावस्था में इलाज का खर्च अधिकांश परिवारों के लिए बड़ा आर्थिक बोझ बन जाता है। अधिकतर बीमारियां जैसे हृदय रोग, मधुमेह, हड्डियों की कमजोरी और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं इसी उम्र में होती हैं।आयुष्मान कार्ड की मदद से बुजुर्ग बिना किसी वित्तीय चिंता के बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं।यह योजना न केवल मुफ्त इलाज की सुविधा देती है, बल्कि बुजुर्गों को मानसिक शांति भी प्रदान करती है कि वे किसी भी गंभीर स्थिति में सुरक्षित हैं। इस योजना का उद्देश्य सभी नागरिकों, खासकर कमजोर और बुजुर्ग वर्ग को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। किशनगंज जिले में 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के लगभग 2 लाख बुजुर्ग हैं, जिन्हें इस योजना के अंतर्गत शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है।जिले ने पूर्व के अभियानों में अच्छा प्रदर्शन किया था और इस बार भी शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करना है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, जनवितरण प्रणाली दुकानदारों, जीविका दीदियों, आशा कार्यकर्ताओं और एमओआईसी को अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश दिया।नगर परिषद अध्यक्ष इंद्रदेव पासवान ने कहा, “यह महाभियान वृद्धजनों के लिए एक नई आशा लेकर आया है। हर पात्र व्यक्ति को आयुष्मान कार्ड बनवाना चाहिए। नगर परिषद के सभी वार्ड सदस्यों को भी चाहिए कि वे अपने क्षेत्र के लोगों को जागरूक करें और इस अभियान को सफल बनाएं।”

वार्ड सदस्यों और आशा कार्यकर्ताओं को मिली जिम्मेदारी
बैठक में वार्ड सदस्यों को 70 वर्ष पूर्ण कर चुके वृद्धजनों की सूची सौंपी गई। उन्हें निर्देश दिया गया कि वे वृद्धजनों को आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए प्रेरित करें। आशा कार्यकर्ताओं को भी घर-घर जाकर आयुष्मान कार्ड निर्माण सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई।

नि:शुल्क सुविधा और प्रचार-प्रसार पर जोर
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी लाभुकों के लिए कैम्पों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। आयुष्मान कार्ड निर्माण की प्रक्रिया पूरी तरह नि:शुल्क है। कार्ड बनाने के लिए आवश्यक दस्तावेज, तिथियों और कैम्प स्थलों की जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।जिला प्रशासन की अपील
जिलाधिकारी विशाल राज ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा, “यह अभियान हमारे बुजुर्गों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने का बड़ा कदम है। सभी पात्र व्यक्ति जल्द से जल्द अपना आयुष्मान कार्ड बनवाएं। नगर परिषद अध्यक्ष इंद्रदेव पासवान ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे इस अभियान का हिस्सा बनें। “हमारा प्रयास है कि कोई भी बुजुर्ग स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे। यह योजना हर वृद्धजन के लिए एक नई आशा लेकर आई है। सभी वार्ड सदस्य, आशा कार्यकर्ता और नागरिक अपने आस-पास के पात्र व्यक्तियों को जागरूक करें और इस महाभियान को सफल बनाएं।”

नगर परिषद अध्यक्ष की अपील
नगर परिषद अध्यक्ष इंद्रदेव पासवान ने कहा, यह कार्ड भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना का हिस्सा है, जो हर पात्र व्यक्ति को सालाना ₹5 लाख तक का नि:शुल्क स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान करता है। योजना के तहत लाभार्थी सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज करा सकते हैं। हाल ही में केंद्र सरकार ने 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के सभी बुजुर्गों को इस योजना में शामिल करने का निर्णय लिया है।”इस महाभियान का उद्देश्य जिले के सभी बुजुर्गों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना है। हर वार्ड सदस्य और नागरिकों से मेरी अपील है कि वे अपने आस-पास के वृद्धजनों को जागरूक करें और आयुष्मान कार्ड बनवाने में मदद करें। हमारा प्रयास है कि कोई भी पात्र व्यक्ति इस सुविधा से वंचित न रहे।” अभियान के दौरान 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी वृद्धजनों के साथ-साथ फरवरी 2024 तक बने सभी राशन कार्डधारी परिवारों के सदस्यों का आयुष्मान कार्ड

आयुष्मान कार्ड कैसे बदल रहा है जीवन?
आयुष्मान भारत योजना पहले ही लाखों गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक सहायता प्रदान कर चुकी है। अब 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों को जोड़कर सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। यह पहल न केवल बुजुर्गों की भौतिक स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करती है, बल्कि उनकी गरिमा और आत्मनिर्भरता को भी बनाए रखती है।


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