समाज जागरण
संभल। होली के त्योहार से पहले संभल में प्रशासन ने शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए बड़ा एहतियाती कदम उठाया है। होली जुलूस मार्ग पर स्थित जामा मस्जिद समेत लगभग 10 मस्जिदों को तिरपाल और पन्नियों से ढंकवाया गया है, ताकि रंग-गुलाल गिरने से किसी तरह का विवाद पैदा न हो। प्रशासन का कहना है कि यह व्यवस्था पूरी तरह एहतियातन की गई है, जिससे दोनों समुदाय अपने-अपने त्योहार शांति और सौहार्द के साथ मना सकें।
गौरतलब है कि इस समय रमज़ान का पाक महीना भी चल रहा है और साथ ही होली का पर्व भी नजदीक है। चार जुलूस, कड़ी निगरानी होली कार्यक्रम के तहत सम्भल में कुल चार जुलूस निकलने हैं। एक जुलूस पहले ही निकल चुका है, जबकि तीन जुलूस अभी शेष हैं। आज गुलाल जुलूस निकाला जाएगा, 4 तारीख को होली की चौपाई होगी, और एक यात्रा आरएसएस की ओर से भी प्रस्तावित है। जुलूसों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की गई है।
सभासद गगन वार्ष्णेय ने प्रशासन के इस कदम को “सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण और स्वागत योग्य” बताया। उन्होंने कहा कि जब रंग खेला जाता है तो वह चारों ओर फैलता है, ऐसे में किसी भी धार्मिक स्थल पर अनजाने में रंग न पड़े, इसके लिए यह सावधानी जरूरी थी। उन्होंने कहा कि इससे सांप्रदायिक सौहार्द बना रहेगा और दोनों वर्ग अपने त्योहार हर्षोल्लास से मना सकेंगे।
एएसपी कुलदीप सिंह ने बताया कि रमज़ान और होली दोनों पर्वों को देखते हुए पारंपरिक रूप से जुलूस मार्ग पर पड़ने वाली मस्जिदों को पन्नी से ढकवाया जाता है। इसी परंपरा के तहत इस बार भी मस्जिदों को कवर किया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी पर्व सकुशल और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होंगे।
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन के इस निर्णय को सराहा है। उनका कहना है कि पहले रंग पड़ने को लेकर विवाद की स्थिति बन जाती थी, लेकिन इस बार पहले से की गई तैयारी से ऐसी किसी भी आशंका को खत्म किया जा सकेगा। कुल मिलाकर प्रशासन की यह पहल सम्भल में होली और रमज़ान के दौरान अमन-चैन और भाईचारे का संदेश देती नजर आ रही है।



