समाज जागरण /अखिलेश सिंह
पिहानी। कस्बे के राम सीता ठाकुरद्वारा लोहिया मंदिर में पांच दिवसीय मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा आयोजन का समापन भव्य श्रृंगार पूजा ,महा आरती व विशाल भंडारे के साथ हुआ। आए हुए सभी श्रद्धालुओं ने प्रतिष्ठित हुए विग्रहों के मंगल दर्शन किये। गायत्री प्रज्ञा पीठ पिहानी के प्रमुख ट्रस्टी अतुल कपूर व उनके आचार्यों ने तीन मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा करवाई। मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा से पहले प्रमुख ट्रस्टी श्री अतुल कपूर ने कहा कि प्रतिमा में जान डालने की विधि को ही प्राण प्रतिष्ठा कहते हैं। यह मूर्ति को जीवंत करती है जिससे की यह व्यक्ति की विनती को स्वीकार कर सके। जब भी लोग किसी देवमूर्ति को मंदिर में लाते हैं तो पूरे विधि विधान से इसकी पूजा की जाती है। इस प्रतिमा में जान डालने की विधि को ही प्राण प्रतिष्ठा कहते हैं। सुरेश कुमार ,विवेक कुमार ,प्रशांत कुमार ने प्राण प्रतिष्ठा पूजन की व्यवस्थाएं देखी। देवेंद्र मिश्र व रजनीश मिश्र द्वारा प्रस्तुत किया गया संगीत पर श्रद्धालु भावविभोर हुए । संजय सिंह ने मंच व पूजन आदि की व्यवस्थाएं संभाली।मंदिर में विराजमान हुई सभी प्रतिमाओं के दर्शन कर सभी भक्त पुलकित हो गए। यजमानों द्वारा श्री गणेश पूजन एवं यज्ञ-वेदियों का पूजन किया और यज्ञ में आहुतियां डालीं। सभी देव-प्रतिमाओं का ‘न्यास कराया गया तदोपरान्त उनको सिंहासनों पर विराजमान कर उनके हृदय पर अंगूठा रखकर वेद मंत्रों से प्राण-प्रतिष्ठा की गई। इसके बाद भगवान का प्रथम शृंगार दर्शन हुआ और प्रथम भोग कराया गया। राहुल पत्नी मंजू , तुषार पत्नी रुचि, प्रदीप पत्नी मीनू ,दिनेश पत्नी मीरा, महेश गुप्ता पत्नी मीनू गुप्ता, सेठ निरंकार नाथ पत्नी उर्मिला गुप्ता ने विधि विधान से पूजन किया। भोग प्रसाद के रूप में वीरेश लोहिया की ओर से आयोजित अखंड भंडारा हुआ, जिसमें नगर और बाहर के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पूर्ण श्रद्धा के साथ प्रसाद ग्रहण किया। भगवान की प्रथम महाआरती के समय भक्तों और श्रद्धालुओं का जनसमूह उमड़ पड़ा। शंख और घड़ियालों की कर्णप्रिय ध्वनियों से सम्पूर्ण मंदिर-परिसर गूंज उठा। सभी उपस्थित श्रद्धालुओं ने भाव विभोर हो भगवान की आरती की और जय जयकार की।

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