भक्ति पाने के लिए जीवन में सरल होना आवश्यक : पंडित शुभम अग्निहोत्री

ग्वालियर। शहर के चेतकपुरी कॉलोनी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिवस पर मथुरा से पधारे युवा कथावाचक पंडित शुभम अग्निहोत्री ने श्रीमद्भागवत कथा के महात्म्य का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा से व्यक्ति को भक्ति, ज्ञान, वैराग्य और त्याग की सच्ची प्रेरणा मिलती है।

कथावाचक पंडित शुभम अग्निहोत्री ने कहा कि सांसारिक ज्ञान तो व्यक्ति स्वयं अर्जित कर सकता है, लेकिन आध्यात्मिक ज्ञान गुरु और सत्संग के बिना संभव नहीं है। भक्ति के माध्यम से जो ज्ञान प्राप्त होता है वही सच्चा और जीवन को दिशा देने वाला ज्ञान होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भक्ति प्राप्त करने के लिए जीवन में सरलता और संतोष का होना आवश्यक है।

कथा के दौरान आत्मदेव ब्राह्मण का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि आत्मदेव ब्राह्मण संतान न होने पर भी सुखी था, लेकिन जब हठयोग द्वारा संतान प्राप्त की तो उसके जीवन में दुख का प्रवेश हुआ। इससे यह शिक्षा मिलती है कि प्रभु की कृपा से जो प्राप्त हो, उसी में संतोष रखने से ही सच्चा सुख मिलता है। उन्होंने कहा कि समाज में अनेक लोग ऐसे हैं जिनके पास वह भी नहीं है जो हमें सहज रूप से प्राप्त है।

कथा के समापन पर सभी श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भगवान की आरती की और वातावरण भक्तिमय हो गया।

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