इंस्टीट्यूट आफ फाइन आर्ट में बांसुरी तबले की बोल पर हुआ भरतनाट्यम

समाज जागरण रंजीत तिवारी
रामेश्वर वाराणसी।।
इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केन्द्र, क्षेत्रीय केन्द्र वाराणसी तथा संस्कार भारती काशी महानगर एवं संस्कार भारती विश्वविद्यालय इकाई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित मासिक श्रृंखला “नाद यात्रा” का आयोजन इंस्टिट्यूट ऑफ फाईन आर्ट्स, घमाहापुर, गंगापुर में हुआ। कार्यक्रम में संगीत के विद्वानों ने सुर संगीत की सरिता बहाई।
कार्यक्रम कीशुरुआत सुश्री कनिष्का अग्रहरि का भरतनाट्यम से हुआ। कनिष्का ने भरतनाट्यम के दो कार्यक्रम प्रस्तुत किये जिसकी दर्शकों ने काफी सराहना की। रूपम बसाक ने राग भीमपलासी राग छेड़कर दर्शकों को मंत्र मुग्ध कर दिया। आकाशवाणी वाराणसी के पूर्व निदेशक पं. राजेश गौतम ने राग पूरिया में बाँसुरी वादन कर दर्शकों का मन मोह लिया। यहां आयोजित कार्यक्रम में संगत कलाकारों के रूप में तबले पर पं. ललित कुमार, हारमोनियम पर हर्षित उपाध्याय ने संगत की।
कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि प्रो ऋचा कुमार, संगीत विभाग, महिला महाविद्यालय, बीएचयू ने कहा कि इस तरह का आयोजन होने से लोगों में भारतीय कला के प्रति समझ बढ़ रही है। संस्कार भारती के प्रांतीय संगठन मंत्री श्री दीपक शर्मा जी ने इस आयोजन के लिए इंस्टिट्यूट ऑफ़ फाइन आर्ट की सराहना की।
संचालन डॉ. अवधेश कुमार सिंह, निदेशक, इंस्टिट्यूट ऑफ फाईन आर्ट्स, वाराणसी ने किया। सभी कलाकारों एवं विशिष्ट अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्र एवं पुष्प गुच्छ द्वारा किया गया। अंत में डॉ. अनिल कुमार सिंह ने सभी कलाकारों एवं अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में इंस्टिट्यूट ऑफ फाईन आर्ट्स के विद्यार्थी और ग्रामीण भारी संख्या में उपस्थिति रहे।

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