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*भारतीय उत्पादों से जगमगाएंगे बाजार, स्वदेशी बनेगा कारोबार की नई पहचान*

समाज जागरण रंजीत तिवारी
वाराणसी।। नवरात्रि के शुभारंभ के साथ ही भारत ने महीने भर चलने वाले दिवाली त्योहारी सीज़न में आधिकारिक रूप से प्रवेश कर लिया है और देशभर के बाजारों में जबरदस्त रौनक देखने को मिल रही है। व्यापारी इस बार रिकॉर्ड तोड़ कारोबार की तैयारी में हैं। अनुमान है कि दिवाली की बिक्री ₹5 लाख करोड़ के अब तक के सर्वाधिक स्तर को पार करेगी, जिसमें प्रमुख योगदान भारतीय उत्पादों का होगा।
पिछले चार वर्षों में दिवाली बिक्री में निरंतर उल्लेखनीय वृद्धि हुई है – 2021 में ₹1.25 लाख करोड़, 2022 में ₹2.50 लाख करोड़, 2023 में ₹3.75 लाख करोड़ और 2024 में ₹4.25 लाख करोड़। इस वर्ष का अनुमानित आंकड़ा ₹5 लाख करोड़ एक नया कीर्तिमान होगा, जो स्वदेशी की भावना को और उपभोक्ताओं के मेड इन इंडिया उत्पादों की ओर स्पष्ट रुझान को दर्शाता है।


कानपुर में ही लगभग 5000 करोड़ सहित पूरे उत्तर प्रदेश में 75000 करोड़ की बिक्री का अनुमान है जिसमें कानपुर में 2000 करोड़ की सर्राफा और 3000 करोड़ की अन्य बिक्री होने का अनुमान है


कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट)  के प्रदेश महामंत्री अखिलेश कुमार मिश्र कहा है कि नवरात्रि के दौरान कैट ने विभिन्न राज्यों के 35 शहरों में व्यापारिक संगठनों से सर्वे कराया। इस सर्वे में दो प्रमुख कारण सामने आए जो इस बार के त्योहारी कारोबार को नई ऊँचाई दे रहे हैं–


1. प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का स्वदेशी का आह्वान और उनका “वोकल फॉर लोकल – लोकल फॉर ग्लोबल” का दृष्टिकोण, जिसे उपभोक्ताओं का जबरदस्त समर्थन मिला है।
2. हाल ही में हुई व्यापक जीएसटी दर कटौती, जिसने व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को दिवाली से पहले बड़ा तोहफ़ा दिया है और विभिन्न क्षेत्रों में बिक्री को मजबूत बनाया है।

अखिलेश कुमार मिश्र ने कहा, “इस दिवाली को *अपनी दिवाली – भारतीय दिवाली* के रूप में कैट के राष्ट्रीय अभियान भारतीय सामान – हमारा स्वाभिमान के अंतर्गत मनाया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी के स्वदेशी आह्वान और जीएसटी दर कटौती के संयुक्त प्रभाव ने व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों में नया उत्साह पैदा किया है। इस वर्ष भारतीय बाजार इतिहास की सबसे बड़ी दिवाली बिक्री के गवाह बनेंगे, जो पूरी तरह स्वदेशी उत्पादों पर आधारित होगी।


*नवरात्रि से शुरू होगी विक्री* व्यापारी देशभर में हर त्योहार को भव्यता से मनाने और भारतीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए संकल्पबद्ध हैं।

*चीनी सामान बाहर, स्वदेशी का दबदबा*

  श्री अखिलेश कुमार मिश्र ने बताया है कि बाजारों में चीनी उत्पादों के बहिष्कार की प्रवृत्ति हर साल और मज़बूत होती जा रही है। 2020 की गलवान घाटी घटना के बाद से व्यापारियों और उपभोक्ताओं ने चीनी सामान का त्याग करने का ठोस निर्णय लिया। परिणामस्वरूप, इस दिवाली बाजारों से चीनी उत्पाद लगभग गायब हैं और आयातकों ने दिवाली से जुड़ा कोई भी सामान चीन से मंगाना पूरी तरह बंद कर दिया है।

*स्वदेशी खरीदारी की प्रमुख श्रेणियाँ*

इस बार उपभोक्ता विभिन्न भारतीय उत्पादों को लेकर विशेष उत्साह दिखा रहे हैं – मिट्टी के दीये, मूर्तियाँ, वॉल हैंगिंग्स, हैंडीक्राफ्ट, पूजन सामग्री, गृह सजावट से लेकर एफएमसीजी, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल सामान, बिल्डर्स हार्डवेयर, ऑटोमोबाइल, कपड़ा व टेपेस्ट्री, रेडीमेड वस्त्र, फर्नीचर, खिलौने, मिठाई, पर्सनल केयर उत्पाद, किचनवेयर और बर्तन तक। लगभग हर सेक्टर में बंपर बिक्री की संभावना है, जिसमें भारतीय कारीगर, निर्माता और व्यापारी प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं।

श्री मिश्र ने यह भी कहा, “*दिवाली केवल रोशनी और उल्लास का त्योहार नहीं है, बल्कि यह आर्थिक प्रगति का भी पर्व है। इस दिवाली भारतीय वस्तुओं पर खर्च किया गया हर रुपया देश की अर्थव्यवस्था को मज़बूत करेगा, रोजगार सृजित करेगा और प्रधानमंत्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करेगा।”*

*रोशनी, अर्थव्यवस्था और स्वदेशी गर्व का पर्व*

रिकॉर्ड बिक्री अनुमानों, सजे-धजे बाजारों और उत्साहित उपभोक्ताओं के साथ, इस वर्ष की दिवाली भारतीय व्यापार इतिहास का नया अध्याय लिखने जा रही है। संदेश साफ है – इस बार की दिवाली स्वदेशी भावना, भारतीय उत्पाद और वैश्विक आकांक्षा के साथ मनाई जाएगी।


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