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आय से 88 फीसदी अधिक संपत्ति का आरोप, बिहार में कार्यपालक अभियंता के ठिकानों पर छापेमारी

पत्नी के नाम सिलीगुड़ी में 92 डिसमिल जमीन खरीदने का आरोप, पटना, कटिहार और सारण में निगरानी ब्यूरो की तलाशी

पटना। बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता चंद्रशेखर सिंह के कई ठिकानों पर छापेमारी की। गुरुवार को पटना, कटिहार और सारण में की गई इस कार्रवाई के दौरान नकदी, सोने-चांदी के आभूषण और बैंक, शेयर बाजार तथा जीवन बीमा में निवेश से संबंधित दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है। निगरानी ब्यूरो के अनुसार, अभियंता के खिलाफ एक करोड़ 10 लाख 96 हजार 883 रुपये की कथित आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया है।

ब्यूरो के मुताबिक, निगरानी थाना कांड संख्या 121/26 के तहत 13 अक्टूबर 2026 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप है कि अभियंता, उनकी पत्नी श्वेता कुमारी और परिजनों के नाम पर 14 अचल संपत्तियां हैं, जिनका अनुमानित मूल्य एक करोड़ 79 लाख 41 हजार 883 रुपये है। इसके अलावा पांच चल संपत्तियों का मूल्य 16 लाख 55 हजार रुपये बताया गया है। निगरानी ब्यूरो का दावा है कि जांच में सामने आई संपत्तियों का मूल्य उनकी ज्ञात आय से लगभग 88 प्रतिशत अधिक है।

पत्नी के नाम सिलीगुड़ी में जमीन खरीदने का आरोप

निगरानी ब्यूरो की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, वर्ष 2021 में पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी स्थित एक महंगे व्यावसायिक क्षेत्र में अभियंता की पत्नी के नाम पर 92 डिसमिल जमीन खरीदी गई थी। तलाशी के दौरान इस जमीन से संबंधित 10 डीड मिलने की बात कही गई है।

ब्यूरो का आरोप है कि इन जमीनों का उल्लेख अभियंता ने अपने वार्षिक संपत्ति विवरण में नहीं किया था। संबंधित अवधि में चंद्रशेखर सिंह फारबिसगंज में सहायक अभियंता के पद पर तैनात थे। अन्य संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

5.70 लाख रुपये नकद और निवेश के दस्तावेज बरामद

निगरानी ब्यूरो की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, तलाशी के दौरान 5.70 लाख रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण और बैंक खातों, शेयर बाजार तथा एलआईसी में निवेश से संबंधित कागजात बरामद किए गए हैं। पटना स्थित तीन बेडरूम वाले फ्लैट और कटिहार स्थित पैतृक आवास में दो बेडरूम वाले फ्लैट से संबंधित जानकारी भी सामने आई है। बरामद आभूषणों का मूल्यांकन किया जा रहा है।

कई जिलों में रह चुके हैं तैनात

ब्यूरो के अनुसार, चंद्रशेखर सिंह वर्ष 2014 से 2017 तक बांका, 2017 से 2020 तक बायसी और 2020 से 2024 तक फारबिसगंज में सहायक अभियंता के पद पर कार्यरत रहे। फरवरी 2024 से फरवरी 2025 तक उन्होंने भागलपुर में गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला में काम किया। इसके बाद फरवरी 2025 से जून 2026 तक वे किशनगंज-2 में कार्यपालक अभियंता रहे। जून 2026 से उनकी तैनाती छपरा स्थित जांच एवं गुणवत्ता नियंत्रण प्रमंडल में है।

सर्च वारंट के आधार पर हुई कार्रवाई

निगरानी ब्यूरो के मुताबिक, पटना स्थित विशेष निगरानी न्यायालय से प्राप्त तलाशी वारंट के आधार पर तीन अलग-अलग दलों ने छापेमारी की। फिलहाल संपत्तियों, निवेश और बरामद दस्तावेजों की जांच जारी है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि आय से अधिक संपत्ति का मामला फिलहाल आरोपों और जांच के स्तर पर है। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।


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