पटना: बिहार की सियासत में इन दिनों कांग्रेस और राजद के बीच रस्साकशी तेज़ हो गई है। एक ओर हैं राहुल गांधी, जिनके पास कांग्रेस की ‘जागीर’ है, तो दूसरी ओर हैं तेजस्वी यादव, जो लालटेन लेकर अपनी राजनीतिक राह अलग बनाते दिख रहे हैं। दोनों नेताओं ने मिलकर वोट यात्रा की शुरुआत तो साथ की थी, लेकिन अब चुनावी बेला आते-आते महागठबंधन की नाव डगमगाने लगी है।
ऐसे में बीजेपी नेता और उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने इस सियासी खींचतान पर तंज कसा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा —

“बिहार में कांग्रेस और राजद की जोड़ी अब बिखरती दिख रही है। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की आपसी लड़ाई बताती है कि यह प्रलाप है महागठबंधन का, जनता अब इनके छलावे में नहीं आएगी।”

मौर्य के इस ट्वीट के बाद बिहार की राजनीति में हलचल मच गई है। राजनीतिक विश्लेषक इसे महागठबंधन के भीतर बढ़ते अविश्वास का संकेत मान रहे हैं। कांग्रेस और राजद के बीच सीट बंटवारे और प्रचार रणनीति को लेकर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं।
फिलहाल राहुल गांधी के ‘रूठने’ और तेजस्वी यादव के ‘अपनी ढपली-अपना राग’ अलापने से महागठबंधन की एकता पर सवाल उठने लगे हैं। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या दोनों दलों के नेता फिर से एक मंच पर साथ आ पाएंगे या बिहार की राजनीति में नया मोड़ आने वाला है।
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