दैनिक समाज जागरण अनील कुमार संवाददाता नबीनगर (औरंगाबाद)
नबीनगर (बिहार)नवीनगर विधानसभा सीट औरंगाबाद जिले की एक महत्वपूर्ण सीट है।यह सीट काराकाट लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। इस सीट पर राजपूत मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक है, लेकिन यादव, रविदास समुदाय के अतिरिक्त अन्य पिछड़ी जातियों के वोटर भी निर्णायक भूमिका निभाते हैं।नवीनगर सीट पर शुरुआती दशकों में कांग्रेस का मजबूत दबदबा रहा। हाल के वर्षों में यह सीट राजद और जदयू के बीच संघर्ष का केंद्र बनी रही है। राजद ने 2000, 2005 और 2020 में यहां जीत दर्ज की है, जबकि जदयू ने 2010 और 2015 में सीट जीती थी।2020 के विधानसभा चुनाव में राजद के विजय कुमार सिंह उर्फ डब्लू सिंह ने जदयू के वीरेंद्र कुमार सिंह को 20 हजार से अधिक वोटों के बड़े अंतर से हराया था।जबकि उपेन्द्र कुशवाहा के पार्टी से कुटुंबा के प्रखंड प्रमुख धर्मेंद्र कुमार चंद्रवंशी को 23 हजार से अधिक मत मिले थे।बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए मतदान दो चरणों में होगा। नवीनगर विधानसभा सीट के लिए मतदान 11 नवंबर को होगा, जबकि मतगणना 14 नवंबर को होगी। इस बार के चुनाव में राजद अपनी सीट बचाने की कोशिश करेगी, वहीं जदयू अपनी पुरानी सीट पर वापसी का प्रयास करेगी। हालांकि एनडीए और महागठबंधन दोनों ने अभी अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं किया है।जबकि दोनों गठबंधनों में सीट को लेकर खींचतान चल रही है।अब देखना होगा कि दोनों गठबंधनों से किसको किसको सीट मिलती है।नबीनगर सीट पर जातीय समीकरण और विकास के मुद्दे ही हार जीत का फैसला करेंगे।इस क्षेत्र की प्रमुख समस्या सिंचाई,सड़क,और बिजली,पानी है।

हालांकि सिंचाई सुविधाओं में सुधार हुआ है, लेकिन सड़क निर्माण की स्थिति एक प्रमुख मुद्दा बनी हुई है। क्षेत्र के कई ऐसे गांव है जहां आज भी मुख्य सड़क से गांव की सड़के कच्ची और बदहाल स्थिति में है।कई गांवों में रोड नहीं तो वोट नहीं का मुद्दा गरमाया हुआ है।वही कई गांव में वर्तमान विधायक के प्रति असंतोष देखा जा रहा है जो आगामी चुनावों में एक बड़ा चुनावी मुद्दा बन सकता है।नवीनगर विधानसभा सीट पर मुकाबला हमेशा करीबी और दिलचस्प रहा है। इस बार भी प्रमुख दलों के उम्मीदवारों के साथ-साथ जातीय समीकरण और विकास के मुद्दे ही हार जीत का फैसला करेंगे। देखते हैं कि इस बार कौन सी पार्टी बाजी मारती है ।



