समाज जागरण सवादाता दीपक कुमार प्रखंड छत्तरपुर
पलामू :छतरपुर आगामी विधानसभा चुनाव में अपनी संभावित हार को देखकर लोगों की सहानुभूति एवं भावनाओं को भड़काने के लिए भाजपा नेता मनोज कुमार अनाप-शनाप बयान दे रहे हैं। लेकिन जनता सब कुछ समझती है।इसका जवाब उन्हें आने वाले विधानसभा चुनाव में अवश्य देगी। परिवर्तन यात्रा में भाषण के दौरान इन्होंने कहा कि गठबंधन के लोग भाजपा के झंडा को हटा दे रहे हैं जबकि सच्चाई इसके उल्टा है।छतरपुर जपला मोड पर लगा झारखंड मुक्ति मोर्चा के झंडे को मनोज कुमार के दर्जनों कार्यकर्ताओं के सामने भाजपा के कार्यकर्ताओं द्वारा हटाकर वहां भाजपा का झंडा लगा दिया गया।जिसका प्रमाण मेरे पास वीडियो के रूप में मौजूद है।वोट झंडा लगाने से नहीं बल्कि जनता के दिल में झंडा गाड़ने से मिलता है।खुद चोरी और खुद सीनजोरी कर रहे हैं।हम लोग झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ता हैं हमलोग अपने कार्यों के बदौलत जनता के दिल को जीतने में विश्वास रखते हैं झंडा उखाड़ने में नहीं। माननीय हेमंत सोरेन की सरकार की उपलब्धियां से मनोज कुमार डर गए हैं और उन्हें अपनी संभावित हार दिख रही है जिसके कारण अनाप-शनाप बयान दे रहे हैं और अपने कार्यकर्ताओं से झारखंड मुक्ति मोर्चा का झंडा उखड़वा रहे हैं। लेकिन हम लोग इससे डरने वाले नहीं हैं। उत्पातियों को उनके किए की सजा अवश्य दी जाएगी। इस सिलसिले में ऊपर के नेताओं को सूचना दी गई है प्राप्त मार्गदर्शन के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। यदि उन्हें सच्चाई की सामना करने की ताकत है तो उन्हें यह भी बताना चाहिए की चुनाव हरियाणा में है और उनके नेता झारखंड में कैंप क्यों कर रहे हैं।हरियाणा में क्यों नहीं जा रहे हैं किस से डर रहे हैं। हरियाणा में इनके स्टार प्रचारक नरेंद्र मोदी के सभा में मात्र दो से ढाई हजार लोगों का जुटान होना प्रदर्शित कर रहा है कि परिवर्तन होकर रहेगा।बीजेपी को परिवर्तन यात्रा निकालने की आवश्यकता नहीं है।लोकसभा चुनाव से ही परिवर्तन प्रारंभ हो चुका है बहुत जल्द भारत भाजपा मुक्त हो जाएगा। यदि भाजपा वाले इतने ही पाक साफ है तो हरियाणा के गांवों से उनके नेताओं को क्यों भगाया जा रहा है क्यों लोग उनका विरोध कर रहे हैं।जनता सब कुछ जानती है।सिर्फ आडंबरों और झूठ की बुनियाद पर चुनाव नहीं लड़ा जा सकता है। यदि मनोज कुमार सच्चाई में विश्वास रखते हैं तो झारखंड में भाजपा के द्वारा अठारह वर्षों तक किए गए शासन की सच्चाई को बताना चाहिए। उन्हें बताना चाहिए कि भानु प्रताप शाही से घोटाले के 130 करोड़ का हिसाब केंद्र सरकार कब लेंगी। विधायक कमलेश सिंह के घर से नोट गिनने की मशीन कब जप्त की जाएगी। अपने पाप को छुपाने के लिए दूसरों को दोष दे रहे हैं। राजनीतिक में हार जीत लगा रहता है।उन्हें ऐसी ओछी राजनीतिक से बचना चाहिए। एक तरफ भाजपा वाले सरकार के झूठे नाकामियों को गिनाने की कोशिश कर रही है और दूसरी तरफ खुद उनके कार्यकर्ता हजारों की संख्या में लाइन लगाकर हेमंत सोरेन के योजनाओं का लाभ ले रहे हैं और खुलेआम सरकार को शाबाशी दे रहे हैं। पहले की सरकार झारखंड के संपदा को अडानी अंबानी जैसे पूंजीपतियों को देती थी लेकिन हेमंत सोरेन की सरकार ने झारखंड के संपदा को और इससे होने वाले आय को यहां के स्थानीय मूलवासी लोगों के बीच देना शुरू कर दिया जिसके कारण भाजपा वालों के पेट में दर्द हो रहा है और अडानी एवं अंबानी के इशारों पर झारखंड सरकार को बदनाम करने के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर परिवर्तन यात्रा निकाला जा रहा है। माननीय हेमंत सोरेन की सरकार ने जो विकास की लंबी रेखा खींची है निश्चित तौर पर झारखंड में परिवर्तन होगा और झारखंड भाजपा मुक्त बनेगा।
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