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मेडिकल कॉलेज पाली में किया गया देहदान, पिता के देहदान संकल्प को परिवार वालो ने पूरा किया

कमल लोधा दैनिक समाज जागरण

पाली: दिनांक 15 नवंबर को पाली जिले के रानी तहसील के खौड़ गांव में संत रामपालजी महाराज के अनुयायी तेजाराम कुमावत का मरणोपरांत उनके परिवार द्वारा पाली मेडिकल कॉलेज में देहदान किया गया। जिला सेवादार सोहन पंवार ने बताया कि संत रामपालजी महाराज की प्रेरणा से तेजाराम पुत्र उमाराम खौड़ (95) की मृत्यु होने पर परिवार के लोगों ने बुधवार को पाली मेडिकल कॉलेज में देहदान कर समाज में मानवता की मिसाल पेश की है । पाली मेडिकल कॉलेज के हेड डॉ. अनूपसिंह गुर्जर ने बताया कि तेजाराम (95) की मरणोपरांत बॉडी को उनके पुत्र रुपाराम व पुत्री तुलसी बाई के साथ संत रामपाल जी महाराज के अनुयायियों और गणमान्य समाज के लोगों द्वारा मेडिकल कॉलेज पाली मे बॉडी को सुपुर्द किया गया। पुत्र रुपाराम ने बताया कि संत रामपाल जी महाराज से पूरे परिवार सहित तेजाराम कुमावत ने भी नाम दीक्षा ली हुई थी। उन्हीं की प्रेरणा से तेजाराम ने जीवित रहते ही कुछ समय पूर्व ही मेडिकल कॉलेज में देहदान करने का संकल्प पत्र भरा था। इस प्रकार मेडिकल कॉलेज पाली को देहदान कर मानवता का फर्ज निभाया है। इस अनमोल कार्य के लिए सभी ग्रामवासियों ने पूरे परिवार की सराहना की।

मेडिकल कॉलेज प्रोफेसर और हेड डॉ. अनूपसिंह गुर्जर
ने बताया इस बॉडी को जरूरत पड़ने तक 50 साल तक हम रख सकते हैं वही शव को कई साल तक सुरक्षित रखने के लिए कई तरह की दवाईयों को शरीर में मिलाया जाएगा एवं शव को थाईमोल, फॉर्मलीन, नमक ,पानी वह दवा के घोल में सुरक्षित रखा जाएगा| इस बॉडी पर रिसर्च कर इनसे नए डॉक्टर बनगे। चिकित्सा विभाग के अनुसार अभी तक लगभग 17- 18 बॉडी मेडिकल कॉलेज को प्राप्त हुई है। वही 2023 में 3 बोडी पाली मेडिकल कॉलेज को प्राप्त हुई है। इस अवसर पर रुपाराम, तुलसीबाई, कैलाश, नरेश, राजाराम मेवाड़ा, कैलाश मेवाड़ा, पप्पू मेवाड़ा, अर्जुन कुमावत, सेवानिवृत्ति अध्यापक दुर्गाराम कुमावत, नेमाराम सीरवी, नाराराम मेघवाल, ओपाराम दास खौड, बगदाराम दास, सोहनदास, धन्नादास, भीमादास, कांतिलाल आदि मौजूद रहे।


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