स्टार पड़ी सीटी स्कैन मशीन, डेढ़ साल से मरीज परेशान
लखीमपुर, कुलदीप सिंह संवाददाता।
पुराने जिला अस्पताल परिसर में बन रही मेडिकल कॉलेज की लगभग पूरी हो चुकी बिल्डिंग अब तक बिजली कनेक्शन के अभाव में उपयोग में नहीं आ सकी है। इसी कारण जिले में सीटी स्कैन की सुविधा पिछले डेढ़ साल से ठप पड़ी है, जिससे गंभीर मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, मेडिकल कॉलेज की इमारत का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और इसके लिए बजट भी जारी किया जा चुका है, लेकिन अब तक बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन तक नहीं किया गया है। बिजली कनेक्शन न मिलने के कारण 128 स्लाइस की सीटी स्कैन मशीन भी शुरू नहीं हो सकी है। मशीन अक्टूबर माह में स्थापित (स्टार) की जा चुकी है, बावजूद इसके अब तक चालू नहीं की जा सकी।
जिले में जनवरी 2023 से पीपीपी मॉडल पर संचालित सीटी स्कैन सेवा बंद है। इसके बाद उम्मीद जगी थी कि मेडिकल कॉलेज में नई मशीन से मरीजों को राहत मिलेगी, लेकिन बिजली कनेक्शन न होने से यह सुविधा भी कागज़ों तक ही सीमित रह गई है। वर्तमान में गंभीर मरीजों को सीटी स्कैन के लिए निजी केंद्रों या अन्य जिलों का रुख करना पड़ रहा है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है।
अधिकारी बोले—
इस संबंध में अधीक्षण अभियंता ब्रह्मदत्त ने बताया कि जिला अस्पताल को पहले से अलग बिजली लाइन से कनेक्शन दिया गया है। ऐसे में दो अलग-अलग कनेक्शन संभव नहीं हैं। मेडिकल कॉलेज के लिए मौजूदा लाइन को ही मर्ज करना होगा। हालांकि, इस प्रक्रिया को लेकर अभी तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
बिजली कनेक्शन में हो रही देरी ने शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जल्द कनेक्शन नहीं हुआ तो करोड़ों की मशीन और संसाधन यूं ही बेकार पड़े रहेंगे और आम जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।



