समाज जागरण/ अवधेश कुमार गुप्ता
सोनभद्र। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ के निर्देशों के क्रम में तहसील रावर्टसगंज राजस्व ग्राम लसड़ा में राजस्व अभिलेखों, उपलब्ध साक्ष्यों एवं आवास आवंटन पट्टा संबंधी कार्यवाहियों की विस्तृत जांच एवं परीक्षण कराया गया। जांच के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि ग्राम सभा की भूमि पर किए गए कुछ आवासीय पट्टों का आवंटन निर्धारित नियमों एवं प्रावधानों के अनुरूप नहीं किया गया था। संबंधित प्रकरण में सक्षम न्यायालय द्वारा अभिलेखीय साक्ष्यों, राजस्व अभिलेखों तथा आवंटन प्रक्रिया के परीक्षण के उपरांत पारित आदेश में नियम विरुद्ध पाए गए आवासीय पट्टों को निरस्त कर दिया गया है।
साथ ही वादग्रस्त भूमि को उसके मूल राजस्व स्वरूप में बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में संबंधित भूमि को पुनः अभिलेखों में पूर्ववत श्रेणी-5(3) बंजर खाते में दर्ज किए जाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। इसके अतिरिक्त यदि प्रकरण में कोई स्थगन आदेश प्रभावी हो तो उसके निरस्तीकरण के उपरांत आवश्यक राजस्व कार्यवाही संपादित की जाएगी। जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ ने स्पष्ट कहा है कि सरकारी भूमि, राजस्व अभिलेखों एवं सार्वजनिक संपत्तियों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता, नियमों की अवहेलना अथवा अवैध लाभ प्राप्त करने के प्रयासों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ऐसे मामलों में जांच कर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया है कि ग्राम समाज एवं सार्वजनिक उपयोग की भूमि की नियमित निगरानी की जाए तथा भूमि से संबंधित सभी मामलों में पूर्ण पारदर्शिता एवं विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जाए।
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