व्यवहार न्यायालय परिसर में लगी भीड़, सैकड़ों मामलों का हुआ निपटारा
वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
14 मार्च। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में शनिवार को व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के मामलों का आपसी सहमति से निपटारा किया गया। इस दौरान बैंक ऋण से जुड़े मामलों सहित कुल 2.31 करोड़ रुपये से अधिक की राशि के मामलों का समझौते के आधार पर निष्पादन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुशांत कुमार ने पीठ के सदस्यों और पदाधिकारियों से अपील करते हुए कहा कि पक्षकारों के हितों को ध्यान में रखते हुए मामलों का निपटारा उदारतापूर्वक और नियमानुसार किया जाए। वहीं जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव ओम शंकर ने पक्षकारों से अपने-अपने मामलों का शांतिपूर्ण तरीके से निष्पादन कराने का अनुरोध किया।
लोक अदालत की विभिन्न पीठों में न्यायिक सदस्य के रूप में नीरज किशोर सिंह (पीठासीन पदाधिकारी, अनन्य विशेष न्यायाधीश उत्पाद प्रथम), सुरभित सहाय (न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी), इंजमामुल हक (अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी), रंधीर कुमार (न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी) तथा रामिजुर रहमान (न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी) शामिल थे। वहीं गैर-न्यायिक सदस्य के रूप में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पैनल अधिवक्ता मधुकर प्रसाद गुप्ता, पंकज कुमार, सूरज बर्मन, राज कुमार साह और अब्दुल बसीर की प्रतिनियुक्ति की गई थी।
लोक अदालत में व्यवहार न्यायालय से जुड़े कुल 141 मामलों का निष्पादन किया गया, जिनमें 65 आपराधिक शमनीय मामले, 75 विद्युत विभाग के मामले तथा एक वैवाहिक विवाद शामिल है। इसके अलावा बैंक ऋण से संबंधित 429 मामलों में कुल 2,31,53,369 रुपये की राशि का समझौते के आधार पर निपटारा किया गया। वहीं टेलीफोन बिल के 17 मामलों में 27,797 रुपये तथा श्रम विभाग के एक मामले का भी निष्पादन किया गया।
लोक अदालत में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए पक्षकारों की अच्छी खासी भीड़ देखी गई। पक्षकारों की सुविधा के लिए परिसर में जगह-जगह सहायता केंद्र बनाए गए थे और प्रत्येक पीठ में एक-एक अधिकार मित्र की भी प्रतिनियुक्ति की गई थी। आयोजन को सफल बनाने में जिला विधिक सेवा प्राधिकार और व्यवहार न्यायालय के कर्मचारियों ने सक्रिय भूमिका निभाई।



