प्रिंसिपल डॉ. जवाहर पासवान के नेतृत्व में परीक्षा कदाचारमुक्त और व्यवस्थित माहौल में संपन्न
दोनों पालियों से कुल 699 परीक्षार्थी हुए उपस्थित, 13 रहे एब्सेंट
मुरलीगंज ।
भू. ना. मंडल विश्वविद्यालय मधेपुरा के निर्धारित परीक्षा केंद्र के पी कॉलेज मुरलीगंज में शनिवार को सीबीसीएस 2024-28 के फर्स्ट सेमेस्टर ग्रुप सी और ग्रुप डी की परीक्षा शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त माहौल में सफलतापूर्वक आयोजित की गई। इस परीक्षा के सफल संचालन का प्रमुख श्रेय महाविद्यालय के प्रिंसिपल डॉ. जवाहर पासवान को जाता है, जिनकी कड़ी निगरानी और कुशल प्रबंधन ने इस परीक्षा को एक आदर्श रूप में सम्पन्न किया।
परीक्षा के दौरान कड़ी सुरक्षा और अनुशासन
परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। परीक्षा से पूर्व सभी परीक्षार्थियों की मेन गेट पर तलाशी ली गई, ताकि किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी या कदाचार की संभावना न रहे। इसके बाद ही परीक्षार्थियों को परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया। इस समग्र आयोजन में डॉ. जवाहर पासवान की सतर्क योजना और कार्ययोजना ने परीक्षा को व्यवस्थित रूप से सम्पन्न करवा दिया।
कुल परीक्षार्थियों की संख्या और उपस्थिति
इस परीक्षा में दोनों पालियों में कुल 699 परीक्षार्थी उपस्थित हुए। पहली पाली में 390 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 7 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली में 309 परीक्षार्थी उपस्थित हुए, और 6 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। इस प्रकार, परीक्षा में अनुपस्थिति का प्रतिशत अपेक्षाकृत कम था, जो परीक्षा की व्यवस्थित तैयारी को दर्शाता है।
परीक्षा संचालन में योगदान देने वाले अधिकारी और कर्मचारी
प्रिंसिपल डॉ. जवाहर पासवान के नेतृत्व में परीक्षा के सफल आयोजन में महाविद्यालय के कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इनमें बर्सर डॉ. प्रतीक कुमार, सहायक केंद्राधीक्षक डॉ. अली अहमद मंसूरी, परीक्षा नियंत्रक डॉ. रविंद्र कुमार, सहायक परीक्षा नियंत्रक डॉ. विकास कुमार सिंह, डॉ. नित्यानंद पासवान, डॉ. शिवा शर्मा, डॉ. सुशांत कुमार सिंह और अन्य प्राध्यापक एवं कर्मचारी शामिल थे। इन सभी ने मिलकर एक समर्पित टीम के रूप में काम किया और परीक्षा को कदाचारमुक्त एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न कराया।
डॉ. पासवान के नेतृत्व में आयोजित चुनौतीपूर्ण परीक्षा
यह परीक्षा आयोजन भले ही चुनौतीपूर्ण था, लेकिन डॉ. जवाहर पासवान के नेतृत्व में महाविद्यालय के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलकर समर्पण और मेहनत से इसे सफलतापूर्वक पूरा किया। परीक्षा की सफलता से यह साबित हुआ कि योजना, सुरक्षा और समर्पण से कोई भी बड़ा कार्य सरलता से सम्पन्न हो सकता है। महाविद्यालय का यह प्रयास विद्यार्थियों के लिए एक आदर्श है, जो उन्हें अनुशासन और कदाचारमुक्त परीक्षा वातावरण की ओर प्रेरित करता है।
प्रिंसिपल डॉ. जवाहर पासवान की सशक्त नेतृत्व क्षमता और महाविद्यालय के सभी कर्मचारियों की मेहनत ने इस परीक्षा को एक सुचारू और सफल आयोजन बनाया। इस तरह की व्यवस्थित और कदाचारमुक्त परीक्षा प्रणाली विद्यार्थियों के भविष्य के लिए एक सकारात्मक कदम साबित होगी।
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