समाज जागरण/ आदिवासी सुनील त्रिपाठी
सोनभद्र। केन्द्रीय ब्राह्मण महासभा, सोनभद्र कार्यालय-बभनौली कालोनी, नियर चण्डी तिराहा, राबर्ट्सगंज, सोनभद्र (उ0प्र0) अध्यक्ष संजय मिश्रा कि अगुवाई में परशुराम जयंती का कार्यक्रम हुआ सम्पन।
गौरतलब है कि रविवार को हर्षोल्लास के साथ परशुराम जयंती मनाई गयी। यह वैशाख शुक्ल तृतीया (अक्षय तृतीया) को भगवान विष्णु के छठे अवतार के जन्म के रूप में मनाई जाती है। भगवान परशुराम को न्याय, साहस और धर्म का प्रतीक माना जाता है, जिनका जन्म ऋषि जमदग्नि और माता रेणुका के घर हुआ था।
परशुराम जयंती की मुख्य बातें: चिरंजीवी अवतार: पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान परशुराम आठ चिरंजीवियों (अमर) में से एक हैं और कलियुग के अंत तक जीवित रहेंगे। महत्व: इस दिन भगवान शिव से प्राप्त ‘फरसा’ (कुल्हाड़ी) धारण करने वाले परशुराम जी की पूजा की जाती है, जिससे जीवन में आत्म विश्वास और साहस बढ़ता है। उनके पराक्रम और शिक्षाओं का स्मरण किया जाता है। अक्षय तृतीया का संयोग: यह पावन दिन अक्षय तृतीया के साथ पड़ता है, जो नई शुरुआत और दान-पुण्य के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। हवन पूजन कर केन्द्रीय ब्राह्मण महासभा, सोनभद्र कार्यालय- बभनौली कालोनी, नियर चण्डी तिराहा, राबर्ट्सगंज, सोनभद्र (उ0प्र0) पर मनाया गया।
इस मोके पर गजेंद्र दीक्षित, संदीप मिश्रा, मोहर देव पाण्डेय, विवेक कुमार पाण्डेय, रवि तिवारी, विमलेश कुमार तिवारी, संगम पाण्डेय, आलोक पति तिवारी, एस.एन. दुबे, राजू दुबे, अजय दुबे, वैभव दीक्षित, चंद्रकांत मिश्रा, रवि पाण्डेय, अमित शुक्ला, विक्की पाठक, शैलेन्द्र मिश्रा, सुनील चौबे, मुनि महेश शुक्ल, शिव प्रकाश पाण्डेय, तारा, पंकज देव पाण्डेय, सोनभद्र बार असोसिएशन सोनभद्र संयुक्त सचिव (प्रकाशन) विवेक कुमार पाण्डेय, आलोक पाण्डेय, प्रफुल्ल तिवारी आदि सेंकड़ों लोग उपस्थित थे।
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