छठ अब बन चुका है राष्ट्रीय आस्था का पर्व — राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी की पूजा

देशभर में श्रद्धा, पर्यावरण और एकता का संदेश देता महापर्व

नई दिल्ली | समाज जागरण ब्यूरो
लोक आस्था और प्रकृति पूजा का प्रतीक छठ महापर्व अब केवल एक क्षेत्रीय पर्व न रहकर राष्ट्रव्यापी उत्सव बन गया है। भारत के कोने-कोने में लोग बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ सूर्योपासना कर रहे हैं।

इसी कड़ी में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी छठ महापर्व के अवसर पर पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान सूर्य और छठी मईया से देशवासियों के सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना की। राष्ट्रपति के इस आयोजन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि छठ अब सीमाओं से परे, राष्ट्रीय एकता और भारतीय संस्कृति का प्रतीक बन चुका है।


🌅 छठ: आस्था, अनुशासन और पर्यावरण संरक्षण का पर्व

छठ पर्व में सूर्य और प्रकृति की उपासना की जाती है। यह पर्व नदियों, तालाबों, घाटों और जलस्रोतों से गहराई से जुड़ा हुआ है। श्रद्धालु सूर्यदेव को अस्ताचलगामी और उदीयमान दोनों अवस्थाओं में अर्घ्य अर्पित करते हैं।
यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि परिवारिक एकता, पर्यावरण संतुलन और सामाजिक सद्भाव का सशक्त माध्यम भी बन गया है।


🙏 राष्ट्रपति का संदेश

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि छठ पूजा भारतीय संस्कृति में संयम, श्रद्धा और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का पर्व है। यह समाज को स्वच्छता, आत्मअनुशासन और सामूहिकता की प्रेरणा देता है।

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