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छत्तीसगढ़ का सबसे महंगा चावल , खुशबू और स्वाद लाजवाब, खाएंगे तब पता चलेगा इसकी खासियत

सौरभ कुमार जादूगोड़ा
छत्तीसगढ़ में धान की ज्यादा पैदावार के साथ ही धान की कई किस्मों के कारण इसे धान का कटोरा कहा जाता है। यहां पर धान का एक ऐसा किस्म रोपण किया जाता है। जिसे लोग जीरा फूल के नाम से जानते हैं। जो सिर्फ सरगुजा में ही पैदा होता है। सरगुजा को इस धान का जीआइ टैग भी मिला हुआ है। जीराफूल- जैसा नाम वैसी ही इसकी क्वॉलिटी है. इसकी सुगंध लोगों का मन मोह लेती है और इस चावल में स्वाद भी काफी लाजवाब होता है. इसकी सुगंध ही लोगों का मन मोह लेती है। जीरा फूल धान बेहद पतला और छोटा होता है। इस धान के चावल की खुशबु और मिठास की तो बात ही निराली है। अगर किसी घर में जीरा फूल चावल को पकाया जा रहा है तो उसके आसपास के घरों तक इसकी खुशबु पहुँच जाती है। खुशबू के साथ ही जीरा फूल चावल का स्वाद भी काफी लाजवाब होता है। जीराफूल छत्तीसगढ़ का सबसे महंगा चावल है. ये चावल अन्य चावलों की तुलना में जल्दी और आसानी से पचता है. इसलिए इस चावल की डिमांड ना सिर्फ भारत में है, बल्कि विदेशों से भी इसकी मांग की जाती है. इसके साथ ही इस धान की पैदावार ऑर्गॅनिक ही होती है। इसमें सिर्फ जैविक खाद डाला जाता है। रासायनिक खाद का उपयोग नहीं किया जाता। जब इस चावल को आप पकाते हैं तो इसकी एक अलग ही खुशबू आती है जो लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है। यह एक जीरा पुल का खासियत है। लोग इसे खाते हैं और इसमें न्यूट्रिएंट्स की जो बात की जाए, अन्य धारकों की तुलना में इसमें यह बहुत ज्यादा पाया जाता है और ये एक सुपाच्य है। सामान्य धान यदि जीतने देर में पचता है उससे कहीं कम समय में जीरफुल हमारे पेट में पचता है। कृषि वैज्ञानिक बताते हैं कि जीराफूल थान की खेती 120 से 103 दिन में तैयार होती है। ये सबसे अधिक अवधि में तैयार होने वाला धान है। इस थान की खेती के लिए पानी भी काफी ज्यादा लगता है, इसीलिए इसे गहरे खेत में लगाया जाता है। इसमें जैविक उर्वरक डालते हैं जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहती है। जल संचय ज्यादा से ज्यादा होता है, उसमें मृदा की जो स्वास्थ्य है वह दिन प्रतिदिन सुधरते जाती है। छत्तीसगढ़ में पैदा होने वाले धान में यह नस्ल सबसे अधिक महंगी है. ओरिजनल जीराफूल धान का चावल बाजार में 110-130 रुपये किलो की दर से मिलता है, इस धान को 2019 को जीआई टैग भी मिल चुका है,आने वाले समय में इसकी डिमांड और भी बढ़ सकती है।


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