आदिवासी सुनील त्रिपाठी | समाज जागरण
चोपन/सोनभद्र। कड़ाके की ठंड के बीच नगर पंचायत चोपन की ओर से की जा रही अलाव व्यवस्था पूरी तरह बदहाल नजर आ रही है। भीषण शीतलहर के बावजूद नगर में अलाव की समुचित व्यवस्था नहीं होने से आमजन, राहगीरों, मजदूरों और जरूरतमंदों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पंचायत चोपन अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए हरी लकड़ियां गिराकर केवल औपचारिकता निभा रही है। हरी लकड़ियों के कारण अलाव ठीक से जल ही नहीं पा रहा, जिससे ठंड से राहत नहीं मिल रही है।
नगर पंचायत द्वारा नगर के कुछ चुनिंदा स्थानों पर ही अलाव की व्यवस्था की गई है, जबकि अधिकांश इलाकों में अलाव नहीं जलाया गया है। ठंड बढ़ने के बावजूद अलाव की व्यवस्था सीमित क्षेत्रों तक ही सिमट कर रह गई है। नगर के अधिकतर मोहल्लों, चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर अलाव न जलने से लोगों को रात और सुबह के समय ठंड से जूझना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कड़ाके की ठंड में अलाव ही गरीब और जरूरतमंद लोगों का सबसे बड़ा सहारा होता है, लेकिन नगर पंचायत की लापरवाही के चलते यह सहारा भी लोगों को नहीं मिल पा रहा है। लोगों ने मांग की है कि नगर पंचायत जल्द से जल्द सूखी लकड़ियों की व्यवस्था कर सभी प्रमुख स्थानों पर नियमित रूप से अलाव जलवाए, ताकि ठंड से राहत मिल सके।
नगरवासियों ने प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप कर नगर पंचायत को जिम्मेदारी निभाने के निर्देश देने की मांग की है।



