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व्यंग की चोट के साथ श्रृजन का संदेश का संदेश: एसएन अग्निहोत्री
*दैनिक समाज जागरण/अखिलेश सिंह*
हरदोई। साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था श्री सरस्वती सदन के तत्वावधान में चल रहे चार दिवसीय हिन्दी दिवस समारोह के तीसरे दिन जनपद के ख्यातिलब्ध व्यंगकार अरुणेश मिश्र की काव्य कृति “चूंकि आप गिद्ध है” का विमोचन मुख्य अतिथि भारत सरकार के पूर्व हिन्दी सलाहकार एस एन अग्निहोत्री ने करते हुये पुस्तक को श्रेष्ठ व्यंग रचनाओं का संग्रह बताया। फर्रुखाबाद के साहित्यकार और शिक्षा विद डा कृष्ण कान्त “अक्षर” भी मंच पर विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे। श्रोताओं में विमोचन समारोह के दौरान शिक्षा. वकालत तथा पत्रकारिता से जुड़े हिन्दी प्रेमियों का प्रबुद्ध जनसमूह एकत्रित था।
मुख्य अतिथि श्री अग्निहोत्री ने कहा कि रचना की श्रेष्ठता यही है कि उसमें व्यंग की चोट के साथ-साथ श्रृजन का संदेश निकले। व्यंग व्यवस्थागत विसंगतियों को उघाड़कर जिम्मेदारों को राष्ट्र-समाज एवं मानव मूल्यों के प्रति सचेत करता है। फर्रुखाबाद से आये साहित्यकार डॉ० अक्षर ने पुस्तक में प्रकाशित रचनाओं की समीक्षा करते हुये पुस्तक को व्यंग साहित्य की श्रेष्ठ श्रेणी में रखा। सीएसएन डिग्री कालेज के पूर्व प्राचार्य डॉ बीडी शुक्ला और डॉ बी एस पाण्डेय ने साहित्य में व्यंग रचनाओं का महत्व समझाते हुए पुस्तक में अरुणेश मिश्र द्वारा रचित रचनाओं की सराहना करते हुये समीक्षात्मक विचार रखे। संवेदना संस्था के अध्यक्ष डॉ० ईश्वर चन्द्र वर्मा ने पुस्तक की प्रशंसा करते हुये कि हिन्दी साहित्य से पहले संस्कृत साहित्य में भी व्यंग रचनाएं लिखी, पढ़ी और सराही गयी। प्रारम्भ में पुस्तक के रचनाकार अरुणेश मिश्र विवित्र ने पुस्तक में प्रकाशित तीन रचनाएं सुनाते हुये कहा कि में रचनाओं में कितना सफल रहा हूँ, यह तो जन मानस ही तय करेगा।
कार्यक्रम का शुभारम्भ माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण तथा श्रवण मिश्र “राही” की वाणी वन्दना से हुआ। मुख्य अतिथि तथा विशिष्ट अतिथि के माल्यार्पण के पश्चात संस्था अध्यक्ष अरुणेश वाजपेयी ने हिन्दी दिवस समारोहों की जानकारी देते हुये बताया कि बुधवार को समापन दिवस पर जहाँ विजेता बच्चों को पुरस्कार वितरित किये जायेगें। वहीं हिन्दी और भारतीय भाषाओं के लिये संघर्ष करने और यातनाएं सहने वाले श्याम रूद्र पाठक का “आजादी के अमृत महोत्सव में हिन्दी की भूमिका” विषय पर महत्वपूर्ण व्याख्यान होगा। कार्यक्रम का संचालन महेश मिश्र ने किया और आभार प्रदर्शन मंत्री मनीष मिश्र द्वारा किया गया पुस्तकालयाअध्यक्ष सीमा मिश्र ने आगत अतिथियों का स्वागत किया।
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