आसमान में छाए बादल, किसानों की बढ़ी धड़कने

~गरज -चमक के साथ हुई बेमौसम बरसात से गेहूं समेत दलहनी, तिलहनी फसलों को भारी नुक़सान

सदर संवाददाता अवधेश कुमार गुप्ता/ समाज जागरण

सोनभद्र। पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम में हुए अचानक परिवर्तन से क्षेत्र में हुई बरसात से रबी फसलों को क्षति पहुँचने की आशंका से किसानों की धड़कनें बढ़ने लगी है। किसानों में डर है कि कहीं ख़रीफ़ फ़सल की तरह रबी फ़सल पर भी ख़तरा ना मंडरा जाए, नहीं तो अन्नदाताओं की कमर पूरी तरह टूट जाएगी और आर्थिक बोझ से दब जाएंगे। हालाँकि बारिश से तापमान में गिरावट महसूस की जा रही है। बताते चलें कि बीती रात गरज -चमक के साथ हुई बेमौसम बरसात से गेहूं सहित दलहनी, तिलहनी फसलों को नुक़सान पहुँच सकता है।

बारिश के साथ चली हवाओं से गेहूं की खड़ी कुछ फसलें जहाँ गिर गई है,वही पककर तैयार मटर, मसूर, चना व सरसों आदि फसलों को भी क्षति पहुँच सकती है इनके फल चटक सकते हैं और दाने काले हो जाएंगे।पैदावार पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता हैं। चैत्र मास में रबी फसलों के लिए यह मौसम पूरी तरह हानिकारक साबित हो सकता है।शनिवार को भी आसमान में बादल छाए रहने से किसानों में चिंता दिख रही है।गाँव के किसानों का कहना है कि मौसम की बेरूखी से डर लग रहा है कि यह ख़रीफ़ फ़सल की तरह रबी फ़सल के लिए भी मुसीबत न बन जाए।क्योंकि धान की भांति गेहूं सहित दलहनी, तिलहनी की फसल भी पकने के कगार पर है।कहीं-कहीं इन फसलों की कटाई भी शुरू हो गई है।

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