भारत–नेपाल सीमा पर सीएमओ ने बच्चों को पिलाई “दो बूंद ज़िंदगी की”

कुलदीप सिंह

लखीमपुर खीरी।
शीत लहर के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत परखने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता शुक्रवार की सुबह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पलिया पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्हें अधीक्षक डॉ. भरत सिंह सहित समस्त स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित मिले। इसके बाद उन्होंने भारत–नेपाल सीमा क्षेत्र स्थित पीएचसी गोरीफंटा का भी निरीक्षण किया।

निरीक्षण के क्रम में सीएमओ भारत–नेपाल सीमा पर बनाए गए अस्थायी पोलियो बूथ पर पहुंचे, जहां उन्होंने स्वयं बच्चों को पोलियो की दवा पिलाकर “दो बूंद ज़िंदगी की” अभियान को गति दी। इस अवसर पर एसएसबी के अधिकारी एवं जवान भी मौजूद रहे।

सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि मौसम में अचानक बदलाव और ठंड बढ़ने के कारण सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों एवं उनके तीमारदारों को सर्दी से बचाने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। इसी क्रम में सीएचसी पलिया का निरीक्षण किया गया। यहां फिजिशियन डॉ. अजीत सिंह, इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर, फार्मासिस्ट, एएनएम सहित अन्य ड्यूटी स्टाफ मौजूद मिला। उन्होंने प्रसूता महिलाओं को दी जा रही डाइट एवं सुविधाओं की जानकारी भी ली।

सीएचसी पलिया पर मरीजों और तीमारदारों के लिए रैन बसेरे की व्यवस्था की गई है, साथ ही वार्डों में हीटर व ब्लोअर भी लगाए गए हैं। वहीं भारत–नेपाल सीमा पर स्थित पीएचसी गोरीफंटा में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अब्बास, सीएचओ व अन्य स्टाफ उपस्थित मिला। बॉर्डर क्षेत्र में हृदय रोगों की संभावनाओं को देखते हुए यहां ईसीजी की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

पोलियो बूथ निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने कहा कि भारत और नेपाल की सीमाएं केवल भौगोलिक रूप से ही नहीं, बल्कि सामाजिक और आजीविका के रिश्ते से भी जुड़ी हैं। ऐसे में सीमा पर स्थापित यह पोलियो बूथ दोनों देशों के बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बचाने में अहम भूमिका निभाएगा।

सीएमओ के इस निरीक्षण से स्वास्थ्य विभाग में सक्रियता देखी गई और सीमा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लोगों में भरोसा बढ़ा है।

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