कांग्रेस प्रदेश महासचिव विनोद कुशवाहा ने मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाने के फैसले का किया जोरदार विरोध

मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना से महात्मा गांधीजी का नाम हटाना उनके योगदान को मिटाने की साजिश है : विनोद कुशवाहा

संवाददाता समाज जागरण हजारीबाग ।

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाने के फैसले को लेकर कांग्रेस पार्टी ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस महासचिव विनोद कुशवाहा ने सरकार के निर्णय की तीखी आलोचना करते हुए इसे देश के लोकतांत्रिक मूल्यों और गांधीवादी विचारधारा पर सीधा हमला बताया। इसी के विरोध में हजारीबाग के पुराना समाहरणालय के समक्ष कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, पदाधिकारी एवं समर्थक शामिल हुए। हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कांग्रेस महासचिव विनोद कुशवाहा ने कहा कि महात्मा गांधी केवल एक नाम नहीं, बल्कि सत्य, अहिंसा और सामाजिक न्याय के प्रतीक हैं। मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजना का नाम महात्मा गांधी से हटाना उनके योगदान को मिटाने की साजिश है। उन्होंने कहा कि मनरेगा से करोड़ों ग्रामीण गरीबों को रोजगार मिला है और गांधी जी के नाम से जुड़ने के कारण ही इस योजना को एक नैतिक पहचान प्राप्त हुई। उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान सरकार इतिहास को बदलने और महापुरुषों की विरासत को कमजोर करने का प्रयास कर रही है, जिसे कांग्रेस किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी। कांग्रेस महासचिव ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया तो पार्टी सड़क से सदन तक आंदोलन तेज करेगी। कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में कहा कि महात्मा गांधी का नाम हटाना देश की आत्मा पर चोट करने जैसा है।

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