वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
16 जुलाई। कांग्रेस सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद जिले की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। वायरल वीडियो में सांसद नई शिक्षा नीति और भाषाओं पर टिप्पणी करते हुए कथित रूप से कहते सुनाई दे रहे हैं, “संस्कृत और अंग्रेजी बाहर से आई हैं, जबकि हिंदी और उर्दू हमारी भाषा है।” बताया जा रहा है कि यह वीडियो 13 जुलाई को किशनगंज शहर के टाउन हॉल के समीप आयोजित एक धरना-प्रदर्शन के दौरान का है।
वीडियो के तेजी से वायरल होने के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने सांसद के बयान पर आपत्ति जताई है। विपक्षी नेताओं ने उनसे सार्वजनिक स्पष्टीकरण देने और माफी की मांग की है। वहीं सोशल मीडिया पर भी इस बयान को लेकर पक्ष और विपक्ष में तीखी बहस छिड़ी हुई है।
ठाकुरगंज के जदयू विधायक गोपाल अग्रवाल ने कहा कि सांसद का बयान यह दर्शाता है कि उन्हें विषय की पर्याप्त जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि भाषा और इतिहास जैसे संवेदनशील विषयों पर टिप्पणी तथ्यों और ऐतिहासिक संदर्भों के आधार पर ही की जानी चाहिए।
वहीं भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं 20 सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष सुशांत गोप ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सांसद तुष्टिकरण की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संस्कृत विश्व की प्राचीनतम भाषाओं में शामिल है तथा अनेक भारतीय भाषाओं के विकास में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने सांसद से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की भी मांग की।
युवा कांग्रेस ने सांसद का किया बचाव
इस बीच युवा कांग्रेस ने सांसद के समर्थन में बयान जारी किया है। जिला अध्यक्ष मो. आज़ाद साहिल ने कहा कि सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद के बयान को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सांसद ने संस्कृत का अपमान नहीं किया, बल्कि भाषाओं के इतिहास और भारत की बहुभाषी विरासत का उल्लेख किया था।
मो. आज़ाद साहिल ने कहा, “संस्कृत सम्माननीय भाषा है, लेकिन भारत की पहचान उसकी भाषाई विविधता भी है। असहमति का जवाब तर्क से दिया जाना चाहिए, ट्रोलिंग से नहीं। यही लोकतंत्र और सच्चे राष्ट्रवाद की पहचान है।”
सांसद की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल इस वीडियो को लेकर जिले में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। हालांकि, कांग्रेस सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान या स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है। ऐसे में उनके अगले बयान का इंतजार किया जा रहा है।
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