विजय तिवारी
उमरिया।जैव विविधता प्रशिक्षण केन्द्र, ताला, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में आयोजित 61वें वनरक्षक प्रशिक्षण सत्र का दीक्षांत समारोह आज गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक (Field Director) थे। कार्यक्रम में उप संचालक, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, प्रशिक्षण केन्द्र के अधिकारी-कर्मचारी एवं प्रशिक्षु वनरक्षक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में प्रशिक्षण केन्द्र के प्रभारी द्वारा प्रशिक्षण सत्र का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। बताया गया कि वर्ष 1980 में “गेमगार्ड प्रशिक्षण शाला, बांधवगढ़” के रूप में स्थापित यह संस्थान वर्तमान में “जैव विविधता प्रशिक्षण केन्द्र, ताला” के नाम से संचालित है तथा वनरक्षकों को वन्यप्राणी प्रबंधन, वन संरक्षण एवं आधुनिक वन प्रबंधन संबंधी विषयों का प्रशिक्षण प्रदान करता है।
कार्यालय प्रधान मुख्य वन संरक्षक (मानव संसाधन विकास), भोपाल के निर्देशानुसार इस प्रशिक्षण सत्र हेतु 40 वनरक्षक प्रशिक्षणार्थियों का आवंटन प्राप्त हुआ था। इनमें बालाघाट वनवृत्त के विभिन्न वनमण्डलों से कुल 36 वनरक्षक प्रशिक्षण हेतु उपस्थित हुए। प्रशिक्षण अवधि के दौरान एक प्रशिक्षणार्थी को मूल वनमण्डल वापस भेजा गया तथा शेष 35 वनरक्षकों ने छह माह का दक्षता आधारित प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण किया।
प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रशिक्षणार्थियों को वन्यप्राणी प्रबंधन, वन संवर्धन, वन सुरक्षा एवं विधि, सूचना प्रौद्योगिकी, वन अभियांत्रिकी, वन सर्वेक्षण, सामुदायिक वानिकी, ग्रामीण विकास, पर्यावरण संरक्षण, ईको-पर्यटन, लेखा एवं प्रक्रिया तथा प्राथमिक उपचार सहित विभिन्न विषयों का सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
इसके अतिरिक्त प्रशिक्षणार्थियों को 15 दिवसीय अंतरवृत्तीय अध्ययन भ्रमण के अंतर्गत विभिन्न वनमण्डलों में भेजकर वन्यजीव प्रबंधन, वानिकी कार्य एवं काष्ठागार प्रबंधन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। पुलिस प्रशिक्षण केन्द्र, उमरिया में तीन दिवसीय अग्नेय शस्त्र प्रशिक्षण भी आयोजित किया गया। साथ ही बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के सभी नौ परिक्षेत्रों में वन्यप्राणी गणना तकनीक एवं फील्ड अध्ययन का विशेष प्रशिक्षण कराया गया।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान योगाभ्यास, ट्रैकिंग, बर्ड वॉचिंग, शारीरिक प्रशिक्षण, पी.टी. परेड एवं खेलकूद गतिविधियों का भी नियमित आयोजन किया गया, जिससे प्रशिक्षणार्थियों के व्यक्तित्व एवं नेतृत्व क्षमता का समग्र विकास हो सके।
दीक्षांत समारोह में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षणार्थियों को सम्मानित किया गया तथा सभी सफल प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण पूर्णता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
अपने संबोधन में क्षेत्र संचालक महोदय ने नवप्रशिक्षित वनरक्षकों को वन एवं वन्यप्राणी संरक्षण के प्रति समर्पित भाव से कार्य करने, कानून का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने तथा जैव विविधता संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वनरक्षक वन विभाग की आधारशिला हैं और उनके समर्पण एवं कर्तव्यनिष्ठा पर वन एवं वन्यजीव संरक्षण की सफलता निर्भर करती है।
कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षण केन्द्र की ओर से सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों एवं प्रशिक्षणार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा सभी नवप्रशिक्षित वनरक्षकों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी गईं।



