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क्रॉसिंग रिपब्लिक में पेड़ों की कटाई पर बवाल, शिकायत के बाद वन विभाग की टीम पहुंची मौके पर

कटाई-छंटाई के नाम पर 10 इंच तक के पेड़ काटने का आरोप, ठेकेदार का फोन नहीं उठा तो पत्रकार रविंद्र आर्य ने थाने में दी शिकायत

रिपोर्ट : रविंद्र आर्य

गाजियाबाद, 8 अक्टूबर 2026। क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र में पेड़ों की कटाई-छंटाई को लेकर विवाद सामने आया है। स्थानीय पत्रकार रविंद्र आर्य ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में पेड़ों की सामान्य छंटाई के बजाय बड़े आकार की शाखाओं और पेड़ों के हिस्सों को काटा जा रहा था। शिकायत के बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया।

रविंद्र आर्य के अनुसार, क्रॉसिंग रिपब्लिक की पगडंडियों और चौराहा क्षेत्र के आसपास करीब पांच पेड़ों की कटाई-छंटाई की जा रही थी। आरोप है कि इनमें दो पेड़ों को बुरी तरह काट दिया गया था, जबकि एक पेड़ को जड़ से हटाने का प्रयास किया जा रहा था।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, उन्होंने मौके पर चल रही कटाई का वीडियो बनाया और आगे की कटाई रुकवाई। इसके बाद कटाई का काम कर रहे ठेकेदार से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन आरोप है कि ठेकेदार ने फोन नहीं उठाया। इसके बाद वह क्रॉसिंग रिपब्लिक थाने पहुंचे और मामले में लिखित शिकायत दी।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में हर वर्ष इसी तरह पेड़ों की कटाई-छंटाई की जाती रही है। इस बार भी सामान्य छंटाई के बजाय करीब 10 इंच तक के पेड़ों के हिस्से काटे जाने का आरोप लगाया गया है। उन्होंने मामले में आवश्यक अनुमति और निर्धारित पर्यावरणीय मानकों के पालन की जांच कराने की मांग की है।

मामले को लेकर रविंद्र आर्य ने जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी और एसडीएम के साथ गाजियाबाद वन विभाग की डीएफओ ईशा तिवारी से भी शिकायत की। इसके बाद डीएफओ के स्तर से ग्राउंड ऑफिसर निमी कुशिया को मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करने और कटे हुए पेड़ों की स्थिति की जांच करने के निर्देश दिए गए।

शिकायतकर्ता का कहना है कि अधिकारियों के संज्ञान में मामला आने के बाद मौके पर चल रही कटाई को रोक दिया गया। वन विभाग की जांच में अब यह स्पष्ट होगा कि पेड़ों की कटाई-छंटाई किस अनुमति के तहत की जा रही थी और क्या निर्धारित नियमों का पालन किया गया।

ट्रॉली में रखे मिले कटे पेड़ों के हिस्से

रविंद्र आर्य के अनुसार, कटे हुए पेड़ों के हिस्सों को एक ट्रॉली में रखा गया था। आरोप है कि ट्रॉली पर आईटीओ नंबर प्लेट दिखाई नहीं दे रही थी। शिकायतकर्ता ने इस बिंदु को भी जांच के दायरे में शामिल करने की मांग की है।

उन्होंने बताया कि मौके पर एक पेड़ को जड़ से हटाने का प्रयास किया जा रहा था। इसी दौरान उन्होंने पूरे घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड किया। उनका दावा है कि करीब पांच पेड़ों की कटाई की जा चुकी थी और दो पेड़ों को काफी नुकसान पहुंचाया गया था।

अब वन विभाग की जांच पर टिकी नजर

फिलहाल लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि वन विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी। स्थलीय निरीक्षण, वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि मौके पर की गई कटाई-छंटाई नियमों और आवश्यक अनुमति के अनुरूप थी या नहीं। यदि जांच में नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।


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