दर्शकों ने कहा- सामाजिक न्याय के महानायक थे ‘बिहार के लेनिन’
समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश
पटना/ सामाजिक न्याय और समानता के प्रबल पक्षधर, शोषित-वंचित समाज की आवाज और ‘बिहार के लेनिन’ के नाम से विख्यात बाबू जगदेव प्रसाद के जीवन और संघर्ष पर आधारित फिल्म ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया है। हाल ही में फुलवारी शरीफ के एक सिनेमा हॉल में यह फिल्म देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी।
फिल्म देखने के लिए बच्चे, महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं में गजब का उत्साह दिखा। फिल्म देखने के बाद दर्शकों ने एक स्वर में कहा कि बाबू जगदेव प्रसाद का जीवन संघर्ष, त्याग और सामाजिक न्याय की लड़ाई का एक प्रेरणादायी उदाहरण है। समाजसेवी सतीश कुमार और डॉ. नीतीश कुमार दांगी अपने परिवार के साथ फिल्म देखने पहुंचे थे। सतीश कुमार ने कहा की बाबू जगदेव केवल एक राजनीतिक नेता नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन के महानायक थे। उन्होंने सामंती व्यवस्था और शोषण के खिलाफ पूरी मजबूती से आवाज उठाई। दलितों, पिछड़ों और वंचितों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर उन्होंने समाज में बराबरी की लड़ाई का साहस दिया।” डॉ. नीतीश कुमार दांगी ने इस बात पर जोर दिया कि बाबू जगदेव ने उस कठिन दौर में अन्याय के खिलाफ बिगुल फूंका था, जब ऐसा करना बेहद जोखिम भरा था। उन्होंने कहा की उनका जीवन आज के युवाओं के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि अन्याय और शोषण के विरुद्ध हमेशा खड़े रहना चाहिए। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने उनके जीवनकाल में थे।फिल्म की कहानी, प्रस्तुति और ऐतिहासिक घटनाओं के प्रभावशाली चित्रण की दर्शकों ने मुक्त कंठ से सराहना की। लोगों का मानना है कि बाबू जगदेव जैसे महापुरुषों की जीवनी को नई पीढ़ी तक पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है। फिल्म देखने के बाद सिनेमा हॉल के बाहर भी दर्शक बाबू जगदेव के संघर्षों और उनके योगदान पर चर्चा करते नजर आए।
दर्शकों ने फिल्म को केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और प्रेरणा का संदेश देने वाली एक महत्वपूर्ण कृति बताया। उन्होंने कहा कि बाबू जगदेव का सपना था कि समाज के हर व्यक्ति को समान अवसर और सम्मान मिले, और यह फिल्म उस सपने को नई ऊर्जा के साथ लोगों के बीच रखने में सफल रही है।
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