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APK फाइल भेज 11.40 लाख की साइबर ठगी का खुलासा, दो गिरफ्तार, 8.40 लाख रुपये बरामद

अनिल कुमार अग्रहरी/ समाज जागरण

सोनभद्र। पुलिस ने एक बड़े साइबर धोखाधड़ी का खुलासा किया है। पुलिस ने शादी के निमंत्रण कार्ड के नाम पर APK फाइल भेजकर 11.40 लाख रुपये की ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 8.40 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा के विशेष अभियान के तहत की गई। एसपी ने खुलासा करते हुए बताया कि यह मामला अभिषेक कुमार सिंह की शिकायत के बाद सामने आया था। उन्होंने साइबर थाने में बताया था कि उन्हें व्हाट्सएप पर शादी के निमंत्रण कार्ड का एक मैसेज मिला था। जैसे ही उन्होंने उस मैसेज को खोला, उनका बैंक खाता हैक हो गया और उनके अकाउंट से लगभग 90 हजार रुपये की धनराशि कट गई। पुलिस ने जब मामले की जांच शुरू की, तो पता चला कि ‘शादी का निमंत्रण’ नाम की एक एपीके फाइल (एंड्रॉयड ऐप्स डाउनलोड करने के लिए इस्तेमाल होने वाली) व्हाट्सएप के माध्यम से अभिषेक कुमार को भेजी गई थी। ठगी गई धनराशि एक सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) खाते में पहुंची थी। पूछताछ में महेंद्र सिंह नामक व्यक्ति के सर्विस सेंटर के वॉलेट में यह पैसा आने का पता चला। महेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी यूजर आईडी और पासवर्ड किसी काम के लिए दिए गए थे, जिसका दुरुपयोग करके यह धनराशि उनके खाते में आई। गहन जांच के बाद अरुण कुमार और सतीश कुमार नामक दो व्यक्तियों के नाम सामने आए, जिनके पास सीएससी की आईडी थी। इन दोनों ने शुभम जायरो नामक एक व्यक्ति (जो मूलतः कोलकाता का निवासी है) के माध्यम से यह धनराशि अपने वॉलेट में मंगवाई थी। कुल मिलाकर, विभिन्न तिथियों में सीएससी सेंटर की आईडी में 11 लाख 40 हजार रुपये की साइबर ठगी की गई थी, जिसका गलत इस्तेमाल अरुण कुमार और सतीश कुमार ने अपने कोलकाता के साथी के साथ मिलकर किया। पुलिस ने इस मामले में 8 लाख 40 हजार रुपये बरामद कर लिए हैं। शेष 1 लाख 40 हजार रुपये एक जिला समन्वयक द्वारा निकाल लिए जाने की बात सामने आई है, जिसकी भूमिका संदिग्ध है और इस पर जांच चल रही है। इस मामले में कोलकाता के कुछ अन्य अभियुक्तों को भी गिरफ्तार किया जाना बाकी है। पुलिस ने अभियुक्तों के पास से मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। अरुण कुमार डाक विभाग में संविदा कर्मी के पद पर तैनात थे, जबकि सतीश कुमार एक सीएससी चालक थे। पुलिस अन्य विभिन्न पहलुओं पर भी गहनता से जांच कर रही है, क्योंकि यह अपराध बहुत ही संगठित तरीके से किया गया था।


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