भीड़, अव्यवस्था और जेबकतरों के खौफ ने छीनी राहत
दिल्ली। राजधानी की सार्वजनिक बसों में सफर करना अब आम नागरिकों के लिए सजा से कम नहीं रह गया है। एक ओर बसों में ठीक से खड़े होने तक की जगह नहीं मिलती, वहीं दूसरी ओर जेबकतरों के गिरोह भूखे भेड़ियों की तरह यात्रियों की जेबें काट रहे हैं।

दिल्ली की सड़कों पर हर रोज लाखों लोग बसों में सफर करते हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था नाम मात्र की है। महिलाओं और बुजुर्गों को बसों में चढ़ना तक मुश्किल हो जाता है। यात्रियों का कहना है कि कई बार पुलिस में शिकायत करने के बाद भी कार्रवाई नहीं होती।
लोगों ने सवाल उठाया है कि क्या दिल्ली परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन को यात्रियों की कोई परवाह नहीं? आम नागरिकों की यह त्रासदी अब व्यवस्था पर गहरा सवाल खड़ा कर रही है।



