देव दीपावली समर्पित रही ऑपरेशन सिंदूर और शहीद जवानों को
समाज जागरण / रंजीत तिवारी, वाराणसी
वाराणसी। देवों के देव महादेव की नगरी काशी बुधवार की शाम लाखों दीपों की ज्योति से आलोकित हो उठी। देव दीपावली के पावन अवसर पर जब गंगा तट पर दीपों की सुनहरी आभा झिलमिलाई, तो पूरा शहर दिव्यता और भव्यता के अद्भुत संगम में डूब गया।
मां गंगा की गोद से निकलती आस्था की सीढ़ियों पर जलते दीपों ने ऐसा दृश्य प्रस्तुत किया, मानो स्वर्ग स्वयं धरती पर उतर आया हो।

🕯️ योगी आदित्यनाथ ने किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नमो घाट पर पहला दीप प्रज्वलित कर देव दीपावली महोत्सव का शुभारंभ किया। उनके साथ पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, राज्य मंत्री रविन्द्र जायसवाल, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, महापौर अशोक तिवारी और जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य मौजूद रहे।
सीएम योगी ने मां गंगा की आरती में भाग लिया और क्रूज़ से घाटों की दिव्यता का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री को अपने बीच देखकर श्रद्धालुओं ने “हर हर महादेव” के जयकारों से पूरा घाट गूंजा दिया।
🇮🇳 अमर जवानों को नमन – ऑपरेशन सिंदूर को समर्पित आयोजन
दशाश्वमेध घाट पर ‘अमर जवान ज्योति’ की प्रतिकृति स्थापित कर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई। इस वर्ष देव दीपावली महोत्सव ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को समर्पित रहा, जिसके माध्यम से देश की वीर माताओं और अमर जवानों के बलिदान को सम्मान दिया गया।
💡 15 लाख दीपों से जगमगाई काशी
योगी सरकार द्वारा निर्धारित 10 लाख दीपों के लक्ष्य को जनता की सहभागिता से पार करते हुए लगभग 15 से 25 लाख दीप जलाए गए। इनमें एक लाख पर्यावरण-अनुकूल गोबर से बने दीप भी शामिल रहे। घाटों, तालाबों और मंदिरों पर दीपों की शृंखला ने काशी को स्वर्णमाला-सी शोभा दी।
🎥 ‘काशी-कथा’ और ‘ग्रीन क्रैकर्स शो’ रहे आकर्षण का केंद्र
चेत सिंह घाट पर आयोजित थ्रीडी प्रोजेक्शन शो ‘काशी-कथा’ में शिव-पार्वती विवाह, बुद्ध उपदेश, कबीर-तुलसी की भक्ति परंपरा और महामना मालवीय की काशी यात्रा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया।
वहीं गंगा पार रेत पर आयोजित ग्रीन क्रैकर्स शो ने पर्यावरणीय संदेश के साथ आकाश को रंगों से भर दिया।
🕉️ महाआरती में आध्यात्मिकता और राष्ट्रवाद का संगम
दशाश्वमेध घाट पर 21 अर्चकों और 42 देव कन्याओं ने 21 कुंटल फूलों और 51 हजार दीपों से सजी महाआरती की। शंखनाद और घंटा-घड़ियालों की ध्वनि से वातावरण में अद्भुत ऊर्जा का संचार हुआ। इस अवसर पर वीर जवानों को ‘भगीरथ शौर्य सम्मान’ से सम्मानित किया गया।

🌸 विश्वनाथ धाम में विशेष सजावट, सुरक्षा रही अभेद्य
श्री काशी विश्वनाथ धाम को फूलों और दीपों से भव्य रूप में सजाया गया। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते शहर को नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया। घाटों पर एनडीआरएफ, जल पुलिस, एंटी रोमियो स्क्वॉड और क्यूआरटी टीमों की तैनाती रही। जल, थल और नभ – हर दिशा में सुरक्षा व्यवस्था अभेद्य रही।
🪔 काशी की देव दीपावली इस बार केवल भक्ति और सौंदर्य का नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति और मातृत्व के सम्मान का पर्व बन गई — जिसने पूरी दुनिया को भारतीय संस्कृति की उजास से आलोकित कर दिया।
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