समाज जागरण अनिल कुमार
हरहुआ वाराणसी। शिक्षा एवं प्रतिभा सम्मान को समर्पित अक्षरमाला विद्यार्थी गौरवम् टाइटल प्रतियोगिता 2026 का पुरस्कार वितरण समारोह विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों एवं रचनात्मक प्रतिभा को सम्मानित कर किया गया।
प्रतियोगिता में प्रथम टाइटल पुरस्कार व साईकिल अंश पटेल, क्षितिज भारद्वाज एवं अभिज्ञा सिंह को प्रदान की गई। द्वितीय पुरस्कार (मेज–कुर्सी) यथार्थ पाल, वेदांश वर्मा एवं उमंग मौर्य को ,जबकि तृतीय पुरस्कार (पंखा) आयुषी राय, प्रांजल पटेल एवं रोशनी राय, शिवांगी मौर्या, एवं रुद्र सिंह को प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त 34 बच्चों को सांत्वना पुरस्कार स्वरूप स्टडी टेबल एवं प्रमाणपत्र तथा 21 बच्चों को प्रोत्साहन पुरस्कार स्वरूप स्टेशनरी किट दी गई। अन्य सभी प्रतिभागियों को निश्चित पुरस्कार के रूप में कॉपी एवं कलम प्रदान किए गए।
मुख्य अतिथि कैलाश नाथ सोनकर, पूर्व विधायक, अजगरा ने कहा कि बच्चों का विकास ही देश के भविष्य का मानक है। उन्होंने बच्चों को स्टेशनरी किट एवं पैकेट बैग वितरित किए। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर मनोयोग से अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी तेज बहादुर गुप्ता को उनके निस्वार्थ सेवा कार्यों एवं जरूरतमंदों की सहायता के लिए “अक्षरमाला समाज सेवा सम्मान” से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि बच्चों के विकास हेतु समर्पित माता-पिता धन्य हैं, और वे बच्चे भी धन्य हैं जो अपने अभिभावकों के त्याग को समझकर परिश्रम से सफलता प्राप्त करते हैं।
कार्यक्रम में लाल बहादुर राम, संजय कुमार, शंभू प्रसाद, बाल गोविंद पाल, योगेश भारद्वाज, सुनील कुमार गुप्ता, शरद विश्वकर्मा, रामनरेश राजभर, भगवान दास पाल, दयाराम यादव, प्रकाश प्रजापति, शिवजतन प्रसाद गोंड, कैलाश नाथ यादव, रामनरेश राजभर, सुनील कुमार राजभर, अपूर्व निश्चय प्रकाश सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
प्रधान न्यासी गीता देवी ने आगामी शिक्षण सत्र में अक्षरमाला फाउंडेशन के द्वारा 10 बच्चों को शैक्षणिक गोद लेने की घोषणा की। इसके लिए निर्धारित मानक के आधार पर अक्षरमाला टीम जल्द ही बच्चों और उनके अभिभावकों से संपर्क से स्थापित करेगी।
धन्यवाद ज्ञापित करते हुए जिला पंचायत सदस्य सुभाष कुमार जैसल
ने कहा कि ग्रामीण इलाके में अध्ययनरत बच्चों के लिए इस आयोजन के लिए मैं अक्षरमाला फाउंडेशन और सभी सहयोगियों का हार्दिक धन्यवाद व्यक्त करता हूं।
कार्यक्रम शिक्षा, संस्कार और समाज सेवा के प्रति समर्पण का प्रेरक उदाहरण रहा।
कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम निदेशक जयप्रकाश ने किया।



