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एनसीएल बीना में भू-विस्थापित को नहीं मिला रोजगार, 19 जनवरी से भूख हड़ताल की चेतावनी, कंपनी पर गंभीर आरोप

समाज जागरण ब्यूरो

सोनभद्र। जनपद के एनसीएल बीना परियोजना में कार्यरत कंपनी राधा चेन्नई इंजीनियरिंग वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड पर मूल भू-विस्थापित मजदूरों को रोजगार से वंचित रखने का गंभीर आरोप लगा है। रोजगार न मिलने से नाराज एक भू-विस्थापित मजदूर ने 19 जनवरी 2026 से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल और आमरण अनशन की चेतावनी दी है।ग्राम घरसडी निवासी बबूल प्रसाद दुबे ने बताया कि उनके बाबा स्व. नवाब सम दुबे की लगभग 2.94 एकड़ भूमि और भवन को एनसीएल बीना परियोजना ने विभिन्न अधिसूचनाओं के माध्यम से अधिग्रहित किया था। हालांकि, पूर्व समझौते के अनुसार उन्हें अब तक कृषक भूमि और आवासीय प्लॉट उपलब्ध नहीं कराया गया है। दुबे का कहना है कि वह पिछले 15 वर्षों से एनसीएल की पूर्व ओबी (ओवर बर्डन) कंपनियों में काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे।

लेकिन, वर्तमान में कार्यरत कंपनी ने उन्हें मूल भू-विस्थापित होने के बावजूद रोजगार से वंचित कर दिया है। उन्होंने इस संबंध में कई बार एनसीएल बीना प्रबंधन और उप जिलाधिकारी दुद्धी को लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया है। उप जिलाधिकारी ने बायोडाटा पर हस्ताक्षर कर रोजगार दिलाने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पीड़ित ने बताया कि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की 18 फरवरी 2022 की अधिसूचना और एनसीएल मुख्यालय के 10 जुलाई 2006 के आदेश में 80 प्रतिशत मूल भू-विस्थापितों को रोजगार में रखना अनिवार्य बताया गया है। आरोप है कि कंपनी इन नियमों की अनदेखी कर बाहरी लोगों को कथित तौर पर पैसे लेकर काम पर रख रही है। बबूल प्रसाद दुबे ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर उन्हें रोजगार नहीं दिया गया, तो वह 19 जनवरी 2026 से एनसीएल बीना परियोजना के मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय के मुख्य द्वार पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल, सत्याग्रह और आमरण अनशन शुरू करेंगे। उन्होंने इसकी पूरी जिम्मेदारी एनसीएल प्रबंधन और भारत सरकार पर डाली है। यह मामला केवल रोजगार से ही नहीं, बल्कि मूल भू-विस्थापितों के अधिकारों से भी जुड़ा है, जिसे लेकर क्षेत्र में व्यापक चर्चा हो रही है।
कांग्रेस सेवादल जिला उपाध्यक्ष दयासागर दुबे और छोटे लाल दुबे ने इस मुद्दे पर भू-विस्थापितों के समर्थन में बात की है और कंपनी से बातचीत विफल रहने पर संघर्ष का ऐलान किया है।


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