वीरेंद्र चौहान, समाज जागरण ब्यूरो किशनगंज।
जिले में नियमित टीकाकरण कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने तथा बच्चों व गर्भवती महिलाओं के प्रतिरक्षण कवरेज को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मंगलवार को जिला एवं प्रखंड स्तरीय संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। प्रखंड स्तरीय बैठक प्रखंड विकास पदाधिकारी की अध्यक्षता में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सभागार में संपन्न हुई, जिसमें एएनएम, महिला पर्यवेक्षिका, आशा फैसिलिटेटर, यूनिसेफ के बिएमसी तथा अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे। बैठक में टीकाकरण की वर्तमान प्रगति के साथ–साथ NCD री-स्क्रीनिंग, न्यू सर्वे रजिस्टर का अद्यतन, ड्यू लिस्ट की शुद्धता और विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की गई।
नियमित टीकाकरण—कवरेज और गुणवत्ता पर विशेष जोर
बैठक में क्षेत्रवार टीकाकरण कवरेज, कठिन क्षेत्रों की विशेष रणनीति और प्रतिरक्षण से वंचित परिवारों तक पहुंचने के तरीकों पर विस्तृत चर्चा की गई। जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार ने कहा कि नियमित टीकाकरण जीवन रक्षा का सबसे शक्तिशाली माध्यम है। ड्यू लिस्ट की त्रुटिरहित तैयारी, समय पर सत्र आयोजन और कठिन क्षेत्रों में लक्ष्य आधारित रणनीति हमारे लिए अनिवार्य है। किसी भी स्तर पर डेटा में त्रुटि स्वीकार्य नहीं है।उन्होंने सभी स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देश दिया कि टीकाकरण सत्रों की माइक्रो प्लानिंग को जमीन पर सुनिश्चित किया जाए और ड्यू बेनिफिशियरी तक हर हाल में पहुँच बनाई जाए।
एनसीडी री-स्क्रीनिंग—जोखिमग्रस्त समूह की पहचान प्राथमिकता
गैर-संचारी रोगों की पुनः जांच में तेजी लाने पर भी बैठक में जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि उच्च रक्तचाप, मधुमेह, स्तन कैंसर व गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की समय पर पहचान जनस्वास्थ्य की सबसे महत्त्वपूर्ण कड़ी है।इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि जिले में 30 वर्ष से अधिक आयु वालों की एनसीडी री-स्क्रीनिंग में गतिशीलता लाना आवश्यक है। समय पर जांच से गंभीर बीमारियों को शुरुआती चरण में ही नियंत्रित किया जा सकता है। हर सीएचसी और एचडब्लूसी स्तर पर स्क्रीनिंग में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त होना चाहिए।”
ड्यू लिस्ट और न्यू सर्वे रजिस्टर—डेटा की शुद्धता पर कड़ा रुख
जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवेंद्र कुमार ने बैठक में ड्यू लिस्ट में त्रुटियों और अद्यतन में विलंब पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। एएनएम और आशा को निर्देश दिया गया कि हाउस-टू-हाउस सर्वे का मिलान न्यू सर्वे रजिस्टर से किया जाए और किसी भी परिवार या लाभार्थी के छूटने की स्थिति तुरंत सुधारी जाए।प्रखंड विकास पदाधिकारी ने कहा कि सही डेटा ही सही योजना की आधारशिला है। प्रत्येक परिवार का सटीक विवरण दर्ज करना पंचायत स्तर की प्राथमिक जिम्मेदारी है। डेटा की शुद्धता सुनिश्चित करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”
अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों की भी विस्तृत समीक्षा
बैठक में परिवार नियोजन, मातृ स्वास्थ्य, पोषण, संक्रामक रोग नियंत्रण, मिशन परिवार विकास और आशा कार्यक्रम से जुड़े कार्यों की प्रगति पर भी विस्तृत समीक्षा की गई। प्रखंड विकास पदाधिकारी ने पर्यवेक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिया कि फील्ड विज़िट, सुपरविजन और रिपोर्टिंग को अब साप्ताहिक समीक्षा में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत किया जाएगा।उन्होंने कहा कि दिसंबर माह में लक्ष्य आधारित उपलब्धि, समयबद्ध फॉलो-अप, और समुदाय आधारित प्रोत्साहन गतिविधि को प्राथमिकता दी जाएगी।



