पुलिस ने किया तीन अपराधियों को गिरफ्तार
समाज जागरण पटना जिला संवाददाता:- वेद प्रकाश
पटना/ जिले के फुलवारीशरीफ स्थित जानीपुर थाना क्षेत्र से अपहृत एक चिकित्सक को पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर समस्तीपुर जिले से सकुशल बरामद कर लिया। इस सनसनीखेज अपहरण कांड में शामिल तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार यह अपहरण 70 लाख रुपये के कथित लेनदेन विवाद को लेकर किया गया था। सिटी पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) भानु प्रताप सिंह ने गुरुवार को प्रेस वार्ता में पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 10 फरवरी 2026 को डॉ. सर्वेश कुमार तिवारी जानीपुर थाना क्षेत्र स्थित आर्यभट्ट इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग और पारा मेडिकल कॉलेज, रामपुर से अपने राजीवनगर स्थित आवास लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में अपराधियों ने उनका अपहरण कर लिया। अपहरण के बाद अपराधियों ने चिकित्सक के परिजनों से संपर्क कर 70 लाख रुपये की फिरौती की मांग की।
रकम नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी गई थी। परिजनों ने तत्काल जानीपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी फुलवारीशरीफ 02 तथा जानीपुर थानाध्यक्ष के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी अनुसंधान, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग और मानवीय सूचना के आधार पर कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की मदद से अपहृत डॉक्टर की लोकेशन का पता लगाया। जांच के क्रम में पुलिस को सूचना मिली कि डॉक्टर को समस्तीपुर जिले के वारिसनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत मकसूदपुर गांव में रखा गया है।
इसके बाद टीम ने वहां छापेमारी कर डॉ. तिवारी को सकुशल बरामद कर लिया। मौके से समस्तीपुर निवासी रविन्द्र प्रसाद, राकेश कुमार और मनीष कुमार को गिरफ्तार किया गया। सिटी पुलिस अधीक्षक ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि नौकरी दिलाने और परीक्षा पास कराने के नाम पर हुए पैसों के लेनदेन को लेकर डॉ. तिवारी और ‘मनोज’ नामक व्यक्ति के बीच विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते 70 लाख रुपये की मांग की जा रही थी। जब रकम नहीं मिली तो मनोज ने समस्तीपुर के अपराधियों को सुपारी देकर अपहरण की साजिश रची। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस के अनुसार पूछताछ के आधार पर इस मामले में संलिप्त अन्य अपराधियों की पहचान की जा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है।
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