डाक्टर त्रिवेणी प्रसाद शुक्ल के प्रथम पुण्यतिथि पर की गई श्रद्धांजलि सभा

मीरजापुर जनपद के गणमान्य नागरिकों ने दी श्रद्धांजलि

ज्ञान दास गुप्त  ड्रमंडगंज(मीरजापुर) ।विकास खंड हलिया अन्तर्गत ग्राम सभा नदौली में संस्कृत के प्रकांड विद्वान डॉ त्रिवेणी प्रसाद शुक्ल की प्रथम पुण्य तिथि पर गत दिन श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
सभा में उपस्थित सभी लोगों ने डॉ शुक्ल के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। श्रद्धा सुमन अर्पित कर प्रोफेसर रमेश चंद्र ओझा ने कहा कि डॉ त्रिवेणी प्रसाद शुक्ल  जीवन भर संस्कृत के लिए कार्य करते रहे। मीरजापुर की पावन धरती उनकी इस सेवा के लिए सदैव ऋणी रहेगी।

भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश कार्य समिति के सदस्य बालेन्दु मणि त्रिपाठी ने कहा कि डॉ त्रिवेणी प्रसाद शुक्ल का जीवन उच्च पद पर रहते हुए भी सादगी पूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि डॉ शुक्ल संस्कृत के प्रचार प्रसार के लिए मीरजापुर जनपद में संस्कृत में कज्जलीका गीत का सम्मेलन प्रत्येक वर्ष कजली के पूर्व संध्या पर कराते थे। भोजपुरी कवि राजेन्द्र तिवारी उर्फ लल्लू ने गीत के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि डॉ त्रिवेणी प्रसाद शुक्ल मीरजापुर के रत्न थे जिसे हम सब ने खो दिया है , अब मिलना बहुत मुश्किल है। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश कार्य समिति सदस्य पंडित गंगा सागर दूबे ने कहा कि डॉ शुक्ल बहुत ही सहज एवं सरल स्वभाव के व्यक्ति थे वे हमेशा संस्कृत की सेवा में लगे रहते थे।

उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान में सहायक निदेशक पद सेवा निवृत्त होने के पश्चात् काशी नरेश द्वारा स्थापित विश्व संस्कृत संस्थान में राष्ट्रीय महासचिव के पद पर रह कर संस्कृत भाषा का प्रचार प्रसार करते रहे। उनकी विद्वता को मै बहुत नजदीक से देखा है।श्री दूबे ने बताया कि डॉ शुक्ल विवाह समारोह में शिष्टाचार के माध्यम से संस्कृत भाषा को पुष्ट बनाने का काम करते थे। डॉ त्रिवेणी प्रसाद शुक्ल के पुत्र इन्द्र जीत शुक्ल ने उनके द्वारा लिखित संस्कृत कजली गीत को प्रस्तुत कर सभी की आंखों को नम कर दिया।

उन्होंने बताया कि हमारे पिता जी सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में प्राध्यापक पद पर सेवा दिया था, इसके पश्चात उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान में सहायक निदेशक पद पर सेवा दे कर 2002 में सेवा निवृत्त हुए थे। वर्ष2009मे तत्कालीन प्रदेश सरकार द्वारा नारद पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। संस्कृत भाषा एवं साहित्य कै प्रचार प्रसार के लिए हिन्दी साहित्य सम्मेलन,प्रयाग द्वारा 2019में संस्कृत महामहोपाध्याय की मानद उपाधि प्रदान की गई थी। सभा का संचालन ए,एस, जुबली इंटर कालेज के पूर्व प्राचार्य राजेंद्र तिवारी ने किया।

श्रद्धांजलि सभा में विश्व हिन्दू परिषद के जिला अध्यक्ष माता सहाय मिश्र, भाजपा नेता लक्ष्मी कांत पांडेय, किसान मोर्चा भाजपा के जिला अध्यक्ष संतोष कुमार तिवारी,नरेश चंद्र शर्मा , कवि सिंह, प्रमोद दूबे , रवि पाठक, हरिप्रसाद ओझा, रामेश्वर मिश्र, कृपा शंकर ओझा, रामदत्त पांडेय, विजय लक्ष्मी मिश्रा, शकुंतला मिश्रा , मीरा मिश्रा, प्रतिभा पांडेय, रजनीश शुक्ल, अम्बुज शुक्ल, अंकुर शुक्ल, प्रणव शुक्ल शिवांशु, अंशू महराज दीन सिंह सहित सैकड़ों गणमान्य लोग उपस्थित रहे। श्रद्धांजलि सभा में आए सभी गणमान्य लोगों का आभार डॉ त्रिवेणी प्रसाद शुक्ल के ज्येष्ठ पुत्र केदारनाथ शुक्ल ने किया, उन्होंने ने कहा कि हमारे पिता जी सशरीर नहीं है किन्तु वे संस्कृत की सेवा कर के अमर हो गए हैं। सभा में उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट मौन होकर श्रद्धांजलि अर्पित की।

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